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रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगे थे 8 लाख, पिता-पुत्र को 5 साल की सजा
रेलवे में टीसी की नौकरी लगाने के नाम पर अलग-अलग लोगों को झांसा देकर 8 लाख 30 हजार रुपए नकद लेकर ठगी करने वाले पिता और पुत्र को मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जांजगीर उदय लक्ष्मी सिंह परमार ने पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार आरोपी न्यू चंदनिया पारा जांजगीर निवासी बद्री प्रसाद खैरवार और उसका पुत्र अनिल कुमार खैरवार ने झुमुक लाल कौशिक को उसके बेटे रामनारायण कौशिक की रेलवे में टीसी की नौकरी का झांसा दिया था। आरोपियों ने झुमुक लाल से पांच लाख 50 हजार रुपए नकद ले लिए।
इसी तरह एक अन्य व्यक्ति जयप्रकाश से भी ब्रदी प्रसाद खैरवार ने रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर दो लाख 70 हजार रुपए नकद ले लिया। आरोपी पिता-पुत्र ने उन्हें नौकरी लगाने के लिए दिल्ली बुलाया और रेलवे में नौकरी लगने का नियुक्ति पत्र देने का झांसा भी दिया, लेकिन इसके बाद भी जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो झुमुक लाल कौशिक ने जांजगीर थाने में आरोपियों के विरुद्ध शिकायत की। इस पर पुलिस ने आरोपी बद्री प्रसाद खैरवार एवं अनिल कुमार खैरवार पर धारा 420, 466, 468,471, 34 के तहत मामला दर्ज कर चालान मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जांजगीर न्यायालय में पेश किया गया। बुधवार को दोनों पक्षों एवं गवाहों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्रीमती उदय लक्ष्मी सिंह परमार ने दोष सिद्ध पाए जाने पर दोनों आरोपियों को पांच-पांच वर्ष कठिन कारावास एवं तीन-तीन हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मामले में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी एस अग्रवाल ने पैरवी की।