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ठेकेदारों को मापदंड के अनुसार निर्माण नहीं होने का डर, 86 काम 4 माह बाद भी नहीं हुए शुरू

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

जिले में पहली बार 4 करोड़ से रोड, नाली निर्माण के 98 कार्योंं के लिए सरकार ने एम 30 स्टैंडर्ड लागू किया। ऐसे में अनुभव नहीं होने के बाद भी ठेकेदारों ने अनुभव प्रमाण पत्र जुगाड़ा और काम ले लिया, पर अब एम 30 का फार्मूला समझ में नहीं आने से वर्क ऑर्डर के 4 माह बाद भी 86 काम शुरू नहीं किया है। ठेकेदारों के अनुसार अभी वे देख रहे हैं कि जिन लोगों ने काम कराया है। उनका काम स्टैंडर्ड कैसा है। दूसरी ओर पालिका के अधिकारी दबाव नहीं बना पा रहे हैं। इससे नगरवासियों को विकास भी नहीं दिख रहा है।

प्रदेश के निकायों में बनने वाले सीसी रोड व नालियों के जल्दी टूटने और बार बार रिपेयरिंग से परेशान होकर सरकार ने पिछले साल पहली बार सभी निकायों में निर्माण कार्यों के लिए एम 30 अनिवार्य कर दिया है। जिले में इससे पहले एम 30 के अनुपात में कोई निर्माण नहीं होने से अनुभवी ठेकेदार मिलने की संभावना कम थी। मगर काम लेने कई ठेकेदारों ने पूर्व में एम 30 का काम करने का अनुभव प्रमाण पत्र लेकर ठेका ले लिया पर डर रहे हैं कि कहीं काम करने के बाद भुगतान न अटक जाए। इसलिए अभी इंतजार कर रहे हैं।

सरकार ने पहली बार निकायों में एम-30 काम किया अनिवार्य, काम नहीं होगा तो नगर में कैसे दिखेगा विकास

वार्ड क्रमांक 6 की इस सड़क का भूमिपूजन हो चुका है पर काम आज तक शुरू नहीं हुआ

क्या है एम-30 का अनुपात

अभी तक एम 30 का काम सामान्यतः: किसी निकाय में नहीं कराया गया है। सूत्रों के अनुसार एम 30 का काम नेशनल हाइवे, रेलवे और ओवर ब्रिज जैसे बड़े कार्यों में किया जाता है। इसके 1:1:1.5 अनुपात में मसाला बनता है। यानि एक घमेला रेती है तो उतना ही सीमेंट लगेगा और डेढ़ घमेला गिट्टी डाली जाएगी। इसके अलावा यह मसाला बहुत ही बारीकी से बनाया जाता है। इसके लिए बाकायदा एक मिक्सिंग प्लांट की जरूरत पड़ती है, उसी मिक्सिंग प्लांट में यह सेट रहता है कि गिट्टी, रेती, सीमेंट पानी कितनी मात्रा में लगेगा। यह पूरा मापदंड करने के बाद ही एम 30 का मसाला तय होता है।

98 में से 86 काम शुरू ही नहीं हुए- अनुभव की कमी के कारण ठेकेदार काम शुरू करने से हिचक रहे हैं। अनुभवी ठेकेदार ही काम कराने की हिम्मत दिखा पाए हैं और अब तक वार्ड क्रमांक 10 में एक सड़क, 16 में 3 सड़क और बाकी काम वार्ड क्रमांक 3 में हुए हैं। बाकी 98 में से 86 काम इसी कारण पेडिंग है।

सीधी बात | शासन के नियमानुसार करेंगे कार्रवाई, हमें पता है क्या करना है

सुनील चंद्र शर्मा, सीएमओ जांजगीर-नैला

वार्डों में 4 करोड़ से सड़क-नाली बनाने का काम क्यों रूका हुआ है?

निर्माण कराया जा रहा है, 98 में से 12 काम पूरे हो गए हैं।

वर्क आर्डर तो सभी कार्यों के लिए जारी हो चुके है फिर देरी क्यों ?

ठेकेदारों ने नोटिस दे चुके हैं, अब जुर्माना लगेगा।

नोटिस तो करीब दो माह पहले जारी हुआ था आपने क्या किया?

यह आफिशियली मेटर है, क्या कार्रवाई करना है हमें पता है। शासन के नियमानुसार हम कार्रवाई करेंगे।

ठेकेदारों को नोटिस भी मिल चुका है

विभागीय जानकारी के अनुसार किसी काम के लिए वर्क आर्डर जारी होने के 15 दिन बाद नियमानुसार काम शुरू कराना जरूरी होता है और निर्धारित अवधि में काम पूरा कर देना होता है। यहां भी करीब 12 ठेकेदारों को दो महीने पहले नोटिस भेजा गया था, मगर नोटिस का कोई असर नहीं पड़ रहा। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों ने भी नोटिस के बाद अब तक कोई कार्रवाई भी नहीं की है।

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