जांजगीर-चांपा | सांई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनी में डूबी रकम पाने सोमवार को कचहरी चौक जांजगीर में करीब तीन हजार की संख्या में निवेशक एवं कंपनी में काम करने वाले एजेंट्स ने कचहरी चौक से नेताजी चौक तक रैली निकाली। पैसा दिलाने की मांग लिखी तख्ती हाथों में लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर पैसा वापस लौटाने की मांग की।
धरना प्रदर्शन में शामिल दिनेश तिवारी, डीपी देवांगन, शाखाराम चौधरी, परमानंद पटेल, अमर सिंह राठौर ने बताया कि सांई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनी के संचालक बाला साहेब भापकर, उनकी प|ी वंदना भापकर और पुत्र शशांक भापकर ने मिलकर साई प्रसाद फ्रूडस, सांई प्रसाद प्रापर्टीज, साई प्रसाद कार्पोरेशन एवं फ्यूचर रेडी जैसे कई नामों से सरकार से अनुमति लेकर व्यवसाय किया था। वर्तमान में भारत सरकार ने इन कंपनी को बंद करके तीनों संचालक को जेल में बंद कर दिया है।-शेष पेज 14
संचालक बाला साहेब भापकर ने अपनी पूरी संपत्ति को मुंबई सेशन कोर्ट के माध्यम से 30 जनवरी 2017 को ईओडब्ल्यू और सेवी को सौंप दिया है कि सांई प्रसाद की सारी प्रापर्टी (चल अचल संपत्ति) को बेचकर निवेशकों को उनकी जमा राशि दे दी। इसके बाद भी आज तक ईओडब्ल्यू एवं सेवी द्वारा प्रापर्टी बेचने की गति में सुधार नहीं लाया। संपत्ति बेचने का कार्य अधूरा है जिसके कारण लगभग 47 अभिकर्ताओं ने परेशान होकर अत्महत्या तक कर लिया है।
सरकार एजेंट्स को क्यों मान रही है दोषी
एजेंट्स ने बताया कि वर्ष 2015 में ईओडब्ल्यू आैर सेवी द्वारा जारी रिपोर्ट में 18 राज्यों में सांई प्रसाद ग्रुप की चार हजार करोड़ की संपत्ति आंकी है। सरकार चाहे तो उसे बेचकर राजसात करके राज्य के निवेशकों को राशि वापस कर सकती है। ऐसा नहीं करने पर अभिकर्ताओं और निवेशकों की स्थिति और भी खराब हो रही है।
कचहरी चौक के सामने विरोध जताने जुटे पीड़ित लोग एवं एजेंट।