भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा
सरकार वार्ड पार्षदों को हर साल तीन लाख रुपए पार्षद निधि के रूप में देती है ताकि इस राशि से पार्षद अपने वार्डों में बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसे निर्माण काम कराएं, लेकिन जांजगीर-नैला नगरपालिका में वार्ड क्रमांक 19 के पार्षद अमर सिंह गोंड़ ने पार्षद निधि से वार्ड नंबर 18 में बनी एक प्राइवेट कालोनी के गार्डन में झूला लगाने के लिए ही एक लाख रुपए दे दिए। इसके उद्घाटन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष भी शामिल हुई, अब पूछने पर कह रही पार्षद ने गलत किया।
शहर के गार्डन में एक झूला तक नहीं- शहर में बिसाहूदास महंत बालोद्यान, सरदार वल्लभ भाई पटेल गार्डन और वसुंधरा उद्यान है। ये तीनों गार्डन आम लोगों के लिए सुबह शाम खुलते हैं। इन उद्यानों की स्थिति शहर में किसी से छिपी नहीं है। बीडीएम महंत उद्यान में लगे झूले बैठने लायक तक नहीं। 80 से 31 खंभों में बिजली तक नहीं। सरदार पटेल बालोद्यान में बना फौवारा दो साल से अधिक समय से बंद पड़ा है। दस में से 7 झूले टूटे पड़े हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष और अिधकारियों ने भी दूसरे वार्ड में फंड देने से पार्षद को नहीं रोका
प्रायवेट कॉलाेनी का गार्डन जहां पार्षद निधि से कराया काम।
मेरे वार्ड की निजी कालोनी में झूले लगाने पैसे दिए, पता नहीं
वार्ड क्रमांक 18 की प्राइवेट कालोनी में झूला लगाने के लिए दूसरे पार्षद द्वारा फंड दिए जाने की जानकारी देने पर पार्षद मिथलेश यादव ने बताया कि वे नहीं जानती कि उसकी कॉलोनी में किस पार्षद ने अपना फंड दिया है। वे अपनी पार्षद निधि का उपयोग अपने वार्ड में ही केवल सड़क, पानी के लिए करती है। निजी कालोनी में फंड देना गलत है।
नियम कायदों को ताक पर रखा पार्षद ने, सीएमओ ने भी कुछ नहीं कहा
वार्ड नंबर 19 के पार्षद ने सारे नियम-कायदों को दरकिनार कर दिया और अपने वार्ड में विकास कार्य करने के बजाए वार्ड क्रमांक 18 में कलेक्टोरेट बायपास मार्ग स्थित आर्या कालोनी में गार्डन बनाने एक लाख रुपए दे दिए। पार्षद को दूसरे वार्ड में पैसा खर्च करने के लिए न तो तत्कालीन सीएमओ दिनेश कोसरिया ने रोका और न ही अध्यक्ष श्रीमती मालती देवी रात्रे ने।
बीडीएम के टूटे झूले।
सीधी बात | प्राइवेट कालोनी में फंड देना गलत है
मालती देवी रात्रे, अध्यक्ष नपा जांजगीर-नैला
शहर के वार्ड 18 स्थित निजी आर्या कालोनी में नपा द्वारा उद्यान बनाया गया है?
उद्यान के लिए 19 नंबर के पार्षद ने अपने पार्षद निधि से राशि दी है।
सरकार द्वारा पार्षद निधि वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए देती है, निजी कालोनी में उद्यान बनाने कैसे राशि दी जा सकती है। वो भी दूसरे के वार्ड में?
अगर निजी कालोनी नगरपालिका के हैंडओवर में है तब ऐसा कर सकते हैं। उद्यान केवल निजी लोगों के लिए बनाया गया है तो गलत हुआ है।
मुझे नहीं पता, लोगों ने कहा तो दे दिया
अमर सिंह गोंड, पार्षद वार्ड नंबर 19
आपने अपनी निधि का उपयोग दूसरे वार्ड में गार्डन बनाने के लिए किया है?
हां, वहां के लोग कई बार मांग कर चुके थे तो एक लाख रुपए दिया गया है।
आपके वार्ड में समस्या है उसका समाधान करने के बजाय प्रायवेट कॉलोनी में कैसे दे सकते हैं?
नियम मुझे नहीं पता मैंने अनुशंसा की थी, अधिकारियों ने बताया नहीं नियम।
क्या दूसरे वार्ड के पार्षद से अपने वार्ड में उनकी निधि से काम करा लेंगे?
वे अपनी निधि नहीं देंगे।
फिर आपने कैसे दे दिया, प्राइवेट कॉलोनी में गार्डन के लिए?
मैं नियम पूछकर ही बता पाऊंगा। (इसके बाद पार्षद का जवाब ही नहीं मिला)
नपा अध्यक्ष गई थी उद्घाटन में, अब बोल रही यह गलत है
नगरपालिका अध्यक्ष मालती देवी रात्रे पार्षद निधि से निजी कालोनी में राशि दिए जाने को सही नहीं मान रही पर ताज्जुब की बात यह है कि उक्त गार्डन के उद्घाटन समारोह में वे खुद शामिल हुई थी तब उन्हें यह गलत नहीं लगा।