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इस साल नहीं लिया पानी पाउच का एक भी सैंपल

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

मिनरल वाटर के नाम पर जिले में एक्सपायरी डेट के पानी पाउच बेचे जा रहे हैं। पिछले साल ऐसे पानी बेचने वालों के खिलाफ खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए थे, जाे जांच में फेल हो गए। यानि जिले में शुद्ध पानी के नाम पर लोगों को अशुद्ध पानी बेचा जा रहा है। इस साल अभी तक खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने पानी पैकेजिंग करने वाली कंपनी से पानी का सैंपल तक नहीं लिया है।

जिले में सात से अधिक प्रकार के ब्रांड बिक रहे हैं। शहर में बड़े होटलों से लेकर पान ठेला और छोटे दुकानों में बेचे जा रहे हैं। पानी पाउच में उत्पादन तिथि नहीं लिखी होती है। शहर के बाजार में फन एक्वा नाम से पानी पाउच धड़ल्ले से बिक रहा है। दूसरे ब्रांड भी बिक रहे हैं। किसी भी पैकेट में बनाने की तारीख नहीं लिखी जा रही। पाउच में भरे पानी का उपयोग कितने दिनों तक किया जाना है यह भी नहीं लिखा जा रहा है।

यह हैं मानक . भारतीय मानक ब्यूरो ने पैकेज्ड पानी प्लांट संचालन के लिए कई कड़े नियम तय किए हैं। प्रमुख रूप से प्लांट के पानी की नियमित चेिंकंग के लिए एक निजी लैब और लैब टेक्नीशियन की तैनाती होनी चाहिए। पानी का टैंक और पाइप स्टील के होने चाहिए। खाद्य पदार्थ पर आईएसआई मार्क का उपयोग करने पर छह महीने की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है।

3 महीने में करीब 10 लाख का पानी का कारोबार
गर्मी ने पानी के कारोबार में उछाल ला दिया है। अप्रैल से जून तक पाउच और बोतलबंद पानी की बिक्री का आंकड़ा करीब Rs.10 लाख तक पहुंच जाता है। अनुमान के मुताबिक वर्तमान में शहर में रोजाना 2000 पानी के पाउच बिक जाते हैं। एक पाउच की कीमत 2 रुपए होती है। जिले में छह वाटर प्लांट पाउच पैक कर बेचने का कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा दूसरे जिले का पानी पाउच भी जिले में धड़ल्ले से बिक रहा है।

जल्द ही सैंपल लिया जाएगा
सैंपल लेने की कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। जल्द ही िजलेभर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की जांच करेंगे। जहां भी बिना एक्सपायरी डेट लिखे और अमानकस्तर के पानी के पाउच मिली उसे नष्ट किया जाएगा। पिछले साल ऑक्सीरियल का पानी पाउच का सैंपल जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड व मिस ब्रांच मिला था। अजीत बघोल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी

अमानक पानी पी लेने से हो सकता है डायरिया
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एससी श्रीवास्तव का कहना है कि अमानक पानी पीने से लोगों को डायरिया व अन्य बीमारियां हो सकती है। पानी को बोतल या पाउच में बंद करने के पूर्व ओजोनाइजेशन से लेकर अन्य प्रक्रियाओं से गुजारना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर पानी में कई तरह के कीटाणु उत्पन्न हो जो हैं, जो बीमारियों का कारण बनते हैं। दूषित पानी पीने से हर साल लोेग बीमार पड़ते हैं।

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