परियाेजना अधिकारी दो और सुपरवाइजर एक आंबा केंद्र को लेंगे गोद
भास्कर न्यूज | जांजगीर.चांपा
आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाने के लिए परियोजना अधिकारी को दाे और सुपरवाइजरों को एक आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेना होगा।
कलेक्टर ने सभी परियोजना अधिकारियों व पर्यवेक्षकों काे निर्देश दिया है कि वे अपने गोद लिए केंद्रों को मॉडल बनाने के लिए काम करें, और मातृ वंदना और महतारी जतन योजना की महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र में अनुकूल वातावरण बनाएं, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्र आने के लिए महिलाएं आकर्षित हों। उन्होंने कहा है कि केंद्र की कार्यकर्ता और सहायिका भी लगातार केंद्र में पंजीकृत महिला व बच्चों के संपर्क में रहें। कलेक्टर श्री बंसोड़ ने कहा कि परियोजना स्तर की बैठक अलग-अलग सेक्टर में होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि परियोजना अधिकारी 10 और पर्यवेक्षक 5 आंगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष निगरानी के लिए चिह्नांकित करें। उन्होंने कहा कि मैदानी अमले का घरों में भेंट करने के कार्यक्रम को लगातार रखें। परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षक घर भेंट पंजी को देखें अवश्य। श्री बंसोड़ ने कहा कि अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए तीन पोषण पुनर्वास केंद्र चल रहा है। अतिकुपोषित बच्चों के माता पिता को इन केंद्रों में बच्चों को लाकर इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करने कहा है।