आगामी आदेश तक अवैधानिक तरीके से कब्जा हटाने पर रोक
इनडोर स्टेडियम के लिए आवंटित जावरा क्लब की भूमि मामले में स्वत्व संबंधी विवाद मानते हुए कोर्ट ने कहा कि वादी द्वारा लगाए स्टे आवेदन का जवाब पेश होने व आगामी आदेश तक प्रशासन वादग्रस्त भूमि से वादी का कब्जा अवैधानिक तरीके से ना हटाएं।
मप्र भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत पटवारी रिपोर्ट अनुसार जो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, उसे कोर्ट ने वैधानिक कार्रवाई मानते हुए इसमें हस्तक्षेप नहीं किया। वादी के इस तर्क पर कि मुझे अवैधानिक तरीके से बेदखल किया जा सकता है और मेरा कब्जा अवैधानिक तरीके से हटाया जा सकता है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कब्जा हटाने संबंधी कोई भी अवैधानिक कार्रवाई नहीं करें। विधि के अनुरूप ही कार्रवाई होना चाहिए। शासन के एडवाेकेट समरथ साहू ने बताया जावरा क्लब की भूमि को वसीयत के आधार पर निजी बताते हुए वादी पूर्व पार्षद मुबारिक हुसैन उर्फ गुड्डू ने न्यायालय में सिविल वाद लगाया था। इसी पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह बात कही है। वादी ने भूमि पर स्टे के लिए जो आवेदन लगाया है, उसका जवाब पेश करने के लिए न्यायालय ने 26 अप्रैल तय की है। अभी यह अंतिम निर्णय नहीं है। इधर वादी मुबारिक हुसैन उर्फ गुड्डू का कहना है कि मुझे वादग्रस्त भूमि पर स्टे मिल गया है। कोर्ट ने हमारे तर्क व दस्तावेज को स्वीकार करते हुए मंगलवार को यह निर्देश दिया है।