- Hindi News
- National
- फंड नहीं होने से 68 पंचायतों में मनरेगा का भुगतान अटका, सीसी जारी नहीं, पिछले साल के काम भी अधूरे
फंड नहीं होने से 68 पंचायतों में मनरेगा का भुगतान अटका, सीसी जारी नहीं, पिछले साल के काम भी अधूरे
जनपद पंचायत की 68 पंचायतों में मनरेगा के तहत स्वीकृत काम अधूरे हैं। नया सत्र शुरू हो गया है, लेकिन पुराने कामों की राशि का भुगतान नहीं होने से अभी तक सीसी जारी नहींं हो पाई है। ऑनलाइन मनरेगा के काम कई सारे काम अधूरे पड़े हैं। इस साल के सारे काम मस्टर जारी कर करवाए जा रहे हैं। राशि स्वीकृति के लिए पत्र जिला कार्यालय को भेजा है।
68 पंचायतों के तहत 147 गांव आते हैं। इनमें सुदूर सड़क, कपिल धारा, शांतिधारा, खेल मैदान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत डैम निर्माण के काम करवाए हैं। पिछले साल के बजट में तय लक्ष्य से अधिक काम जनपद पंचायतों में होने से कामों में लगने वाली मटेरियल सामग्री का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। भुगतान के बाद ही सीसी जारी होगी। इसके बाद काम पूर्ण माना जाएगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत 22 स्टॉप डैम निर्माण कराए है। सामग्री की राशि नहीं होने से पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं हुआ है। 2017-18 में 20 करोड़ का व्यय हुआ। उस समय जनपद को 10 करोड़ से अधिक की राशि मिली थी। आवास योजना के काम अधिक होने के कारण बजट गड़बडा गया। ऐसे में पिछले साल के काम प्रभावित हुए और पेंडिंग होने के कारण कलेक्टर द्वारा की गई समीक्षा बैठक में उन्होंने पहले पुराने मनरेगा के काम पूरे करने के निर्देश दिए थे। फिर अन्य करने की बात कही थी।
परेशानी
इस साल के काम मस्टर जारी कर करवाए जा रहे, राशि स्वीकृति के लिए पत्र जिला कार्यालय को भेजा है
915.08 लाख से इस वर्ष में काम होंगे
बोरदा में स्टापडेम पुलिया निर्माण के बाद सीसी नहीं हुई।
जिलास्तर पर कार्रवाई की है
जनपद सीईओ विष्णुकांता गुप्ता ने बताया मनरेगा कार्यों को गति दे रहे हैं। हो चुके पुराने कामों के भुगतान के लिए जो फंड की कमी थी, उसे पुरा करने के लिए जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है।
मनरेगा योजना के तहत 2018-19 लेबर बजट स्वीकृत किया गया। इसके तहत 915.08 लाख रुपए से 979 नए कार्य होंगे। 3 लाख 19 हजार 209 मानव दिवस के बजट का अनुमोदन हुआ। मनरेगा वाटरशेड परियोजना 2017-18 व 2018-19 के तहत 120 कार्य 592.20 लाख से होंगे।