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पहले भीगी उपज अब तक नहीं सूखी, 6000 बोरी और खुले में रख दी, फिर से बारिश हुई तो हो सकता है भारी नुकसान

3 वर्ष पहले
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समर्थन मूल्य पर खरीदे गेहूं से मंदसौर के भुनियाखेड़ी वाला वेयर हाऊस पूरा भर चुका है। नौबत ये है कि 6000 बोरियां खुले में रखना पड़ी हैं। सोमवार देर शाम को बारिश से भीगी बोरियां अब तक नहीं सूख पाई हैं। यहां तिरपाल जैसे इंतजाम नाकाफी हैं। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक यह मामूली छींटे ही थे। मंगलवार को बादल छाए रहने से तापमान 24 घंटे के दाैरान 1.9 डिग्री तक गिरा।

सोमवार के 43.2 की तुलना में मंगलवार को 41.3 डिग्री दर्ज किया। दोपहर से शाम तक बादल छाए रहे थे। मौसम बिगड़ने के आसार के मद्देनजर अब 3 लाख क्विंटल माल रतलाम पहुंचाने की तैयारी है ताकि अगले दिनों में बारिश से नुकसान ना हों। करीब 5 लाख क्विंटल गेहूं जिले में राशन वितरण व्यवस्था के लिए रखा जाएगा। इधर, मंगलवार शाम को जिले के 41 गेहूं खरीदी केंद्रों पर शाम 5 बजे से पोर्टल बंद हो गया। टोकन लेेने वालों का माल उसके बाद तुलता रहा। 2 माह में जिलेभर में 10 लाख 42 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। हालांकि अब तक रजिस्टर्ड 32 हजार किसानों में से 19800 ने ही उपज बेची है। मंगलवार शाम 5 बजे तक केंद्रों पर आने वाले किसानों के नाम से खरीदी बुक पर काम हुआ। उपज तुलाई के लिए बिल बने, बाद में ट्राॅली आने पर टोकन दिया।

इस तरह खुले में पड़ा है समर्थन के गेहूं की बाेरियाें का ढेर

भुनियाखेड़ी वेयर हाउस के बाहर इस तरह खुले में रखी बोरियां। इनसेट- सोमवार को भीगीं बोरियां

बाहर के गेहूं की शंका, रेवास-देवड़ा व भावगढ़ केंद्र पर किया निरीक्षण

मंगलवार दोपहर को भोपाल से आए जीएम एस.बी. सिंह ने रेवास-देवड़ा व भावगढ़ केंद्र का निरीक्षण किया। उपज लेकर आए किसानों से चर्चा की। चूंकि यह दाेनों क्षेत्र राजस्थान सीमा से लगे हैं, ऐसे में शंका थी कि बाहर से गेहूं तो नहीं आ रहा। राजस्व विभाग की ओर से जारी दस्तावेज देखे तब संतुष्टि हुई।

लक्ष्य से ज्यादा खरीदी हो चुकी, अब बाहर पड़ा स्टॉक परिवहन करेंगे

जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की लक्ष्य से ज्यादा खरीदी हो चुकी है। गोदाम में बाहर पड़े स्टॉक का परिवहन होगा। सोमवार की बूंदाबांदी के बीच तिरपाल से काफी हद तक बचाव हुआ है। अब जल्द परिवहन पर काम होगा। डी.के. शर्मा, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम मंदसौर

इधर, 800 वाहनों की कतार लगी, रात को मिल पाई एंट्री

मंदसौर मंडी में एंट्री के लिए मंगलवार को करीब 800 वाहन कतार में खड़े रहे।

मंदसौर | मंदसौर मंडी में सोमवार को खुले में पड़ी लहसुन भीगने के बाद मंगलवार को मंडी में एंट्री के लिए करीब 800 वाहन कतार में लगे रहे। इनको उपज नीलामी के लिए रात से इंट्री मिलना शुरू हुई। दरअसल, मंडी में सेकंड शनिवार-रविवार के लगातार 2 अवकाश के बाद सोमवार को बारिश का असर था। लहसुन समेत अन्य उपज भीगी थी। इसके बाद नीलामी बंद थी। ऐसे में मंगलवार को माल तुला। सुबह एक ओर जहां मंडी परिसर में नीलामी शुरू हुई तो कैंपस के बाहर उपज से भरे वाहनों की कतार लगी रही। रूनिजा के पास माधवपुर के रहने वाले नंदलाल नागर ने बताया शनिवार को 20 क्विंटल लहसुन लेकर आए थे लेकिन अवकाश व बारिश के बीच लगातार 3 दिन से वाहनों की कतार में ही हैं। अंदर तक नहीं जा सके। जावरा तहसील के रिंगनोद निवासी मनोहर चौहान ने बताया रविवार सुबह मंडी तक आया था, एंट्री नहीं मिली। मंगलवार को तीसरे दिन तक इंतजार करना पड़ा है। मंडी सचिव ओपी शर्मा ने बताया बढ़ी आवक और अवकाश के बीच इंतजार बढ़ा है। वैसे पूरा प्रयास करते हैं कि नीलामी समय पर हो ताकि अन्य वाहनों को एंट्री मिल सके।

शनिवार-रविवार अवकाश व सोमवार को बारिश के बीच कई किसानों काे अब तक माल बेचने का इंतजार है

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