नामली | भागवत कथा का रसपान कर प्रभु के बताए मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाएं। भागवत को जीवन में उतारकर ही सफल बनाया जा सकता है, अन्यथा अंत में नर्क के द्वार खुले हैं। यह बात ईश्वरलाल धारवा परिवार द्वारा जावरा रोड पर आयोजित भागवत कथा के विश्राम पर पं. दयाशंकर चतुर्वेदी ने कही। कथा उपरांत पोथी यात्रा निकाली गई। यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।