किराया वृद्धि की मांग को लेकर सोमवार दिनभर बसें बंद रही। स्थानीय प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी बस स्टैंड प्रांगण से चलने वाली 125 बसें सोमवार को किसी भी रूट पर नहीं गई। इससे यात्रा करने वाले दो हजार से ज्यादा यात्री परेशान हुए। कई ने यात्रा स्थगित की तो कुछ निजी वाहनों से गए।
बस ऑनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यह सांकेतिक हड़ताल थी। यदि किराया वृद्धि नहीं हुई तो अगले महीने अनिश्चितकालीन बंद रहेगा। रोज स्थानीय बस स्टैंड से रतलाम, मंदसौर, नीमच, सीतामऊ, ताल व आलोट समेत विभिन्न ग्रामीण रूट पर 125 बसें चलती हैं। सोमवार को सभी यहीं खड़ी रही। बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रांतीय आव्हान पर एक दिन के लिए बसों के पहिए थमे हैं। मंगलवार से वापस सेवाएं बहाल होगी। सोमवार को जरूर यात्रियों को परेशान होना पड़ा। हालांकि तापमान 44 डिग्री से ज्यादा होने के कारण ज्यादातर लोगों ने यात्रा स्थगित कर दी। यही कारण रहा कि बसों की हड़ताल के बावजूद स्थानीय रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में ज्यादा दबाव नहीं देखा।
40 फीसदी महंगाई बढ़ गई तो किराए में भी इतनी वृद्धि चाहिए- बस ऑनर्स एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब मेव का कहना है 2013-14 में आंशिक किराया वृद्धि हुई थी। इसके बाद किराए में बढ़ोतरी नहीं की। महंगाई बढ़ रही है। लैबर, ईंधन, मेंटनेंस से लेकर पार्ट्स के दाम बढ़े हैं। चार-पांच सालों में करीब 40 फीसदी खर्च बढ़ गया और किराए में वृद्धि नहीं हुई। बसों का संचालन मुश्किल हो रहा है। बस ऑनर्स एसोसिएशन ने पहले हड़ताल की चेतावनी दी थी लेकिन सरकार ने केवल दस प्रतिशत बढ़ोतरी की बात कही, जो मंजूर नहीं है। अधिकतम 40 फीसदी और कम से कम 30 फीसदी बढ़ोतरी चाहिए, तभी बसों का संचालन संभव होगा। फिलहाल एक दिनी हड़ताल थी लेकिन यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो अगली बार अनिश्चितकालीन बंद करेंगे।
सभी बसें यहीं स्टैंड पर खड़ी रही और यात्री इधर-उधर भटकते रहे। फिर निजी साधनों से गए।