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अब नगर में 9 की जगह 8 कॉलोनियां ही होंगी वैध, सर्वे में 1 कॉलोनी कम, हफ्तेभर में जारी करेंगे अधिसूचना

3 वर्ष पहले
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देरसवेर ही सही नगर की पूर्णत: अवैध कॉलोनियों को वैध करने और उनमें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। पहले नगरपालिका ने 9 कॉलोनियों को वैध करने की कार्ययोजना बनाई थी लेकिन राजस्व एवं नपा के संयुक्त सर्वे व रिकॉर्ड मिलान के बाद एक कॉलोनी इस दायरे से बाहर हो गईं। इसलिए अब केवल 8 कॉलोनियों ही सीएम के फार्मूले के अनुसार वैध की जाएंगी।

सालों से अवैध कॉलोनियों को वैध करने की मांग की जा रही है। सीएम ने चार साल पहले इसके संकेत दिए थे लेकिन फार्मूला तय होने में समय लगा। इसी साल 26 मार्च को सीएम ने भोपाल में कार्यशाला ली और कॉलोनियों को वैध करने की गाइड लाइन जारी की। इसके तहत रतलाम और ग्वालियर में 8 मई को अवैध कॉलोनियां वैध करने की शुरुआत हो गई। इसके बाद यहां भी कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले की सभी नगरपालिका व नगर परिषद को अपने-अपने क्षेत्र की अवैध और अविकसित कॉलोनियों का संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। यह सर्वे नपा व राजस्व विभाग के अधिकारियों को मिलकर करना है। इस आदेश के बाद एसडीएम वीरसिंह चौहान ने नपा सीएमओ एपीएस गहरवार के साथ मिलकर नपा व राजस्व कर्मचारियों की टीम गठित की। इन्होंने पहले फील्ड में सर्वे किया। फिर मंगलवार दिनभर तथा रात तक दोनों विभागों के कर्मचारी रिकॉर्ड मिलान करने में लगे रहे। नपा कॉलोनी शाखा के मनीष सोनी, पटवारी नवीन शर्मा, अनामिका ओहरी ने राजस्व रिकॉर्ड से नपा रिकॉर्ड का मिलान किया। फील्ड सर्वे में जो तथ्य सामने आए थे, उनका पुराने व मौजूदा रिकॉर्ड से मिलान किया गया। मौके और रिकॉर्ड में क्या-क्या अंतर है, यह बिंदु तय किए और इसी अनुसार रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एसडीएम चौहान ने बताया संयुक्त सर्वे के बाद रिकॉर्ड मिलान किया। रिपोर्ट लगभग तैयार हो गई है। बुधवार को इसे फाइनल कर कलेक्टोरेट भेज दिया जाएगा।

इन 8 कॉलोनियों के 5 हजार से अधिक रहवासियों की चमकेगी किस्मत

तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड मिलान व जांच का काम चलता रहा।

जानिए, अब आगे क्या और कैसे होगा

नपा अधिकारियों का कहना है संयुक्त सर्वे रिपोर्ट रतलाम जाने के बाद कलेक्टर इन कॉलोनियों को नियमित करने की अधिसूचना जारी करेंगे। इसी अनुसार दावे-आपत्तियां आमंत्रित होंगी। महीनेभर की प्रक्रिया में इनका निराकरण होगा। इसके बाद कॉलोनियां रिकॉर्ड में पूर्णत: अवैध घोषित होंगी और फिर नपा में हस्तांतरित हो जाएगी। इसके बाद नपा इन्हें वैध की श्रेणी में लेकर यहां जरूरी विकास कार्य करवाएगी। पानी व मल निकासी को छोड़कर बाकी निर्माण कार्य की जो लागत आएगी, उसका 80 फीसदी खर्च सरकारी खजाने से किया जाएगा। बाकी 20 फीसदी राशि रहवासियों से विकास शुल्क के नाम पर ली जाएगी। यदि सांसद या विधायक निधि से यह 20 फीसदी हिस्सा दिया जाता है तो रहवासियों को कुछ नहीं देना पड़ेगा और सुविधाएं भी मिल जाएगी। अभी अवैध कॉलोनियों में नपा परमिशन नहीं देती है लेकिन वैध होने के बाद यहां निर्माण अनुमति मिलने लगेगी। इससे लोगों को लोन जैसी सुविधाएं आसानी से मिलेगी। अधिसूचना जारी होने के बाद हस्तांतरण और विकास कार्य शुरू करने में डेढ़ से दो महीने लग सकते हैं।

पहले चरण में जिन आठ कॉलोनियों को वैध करने के लिए चिह्नित किया है, उनमें महावीर कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, राजेंद्र कॉम्प्लेक्स, सुभाष चौपड़ा कॉलोनी, विद्या विहार, काशीराम कॉलोनी, संजय कॉम्प्लेक्स, संजय कॉम्प्लेक्स के पास पहाड़िया रोड स्थित कॉलोनी शामिल हैं। इनमें रहने वाले 5 हजार से अधिक रहवासियों का मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। संयुक्त सर्वे में सरकारी फार्मूले से बाहर हुई कॉलोनी आदर्श नगर के पास ग्राम बन्नाक्षेड़ा क्षेत्र में स्थित कॉलोनी है। रिकॉर्ड अनुसार इस कॉलोनी में प्लाॅट की खरीदी-बिक्री नहीं हुई। इसलिए अभी इसे छोड़ दिया है। इस कॉलोनी की आश्रय निधि से संबंधित एक केस कोर्ट में विचाराधीन भी है।

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