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नगर को ओडीएफ घोषित करने दिल्ली की टीम कर गई सर्वे, यहां सुविधाघरों पर ही लगे हैं ताले
एक बार फिर नगर को ओडीएफ घोषित करने और इसके प्रमाणीकरण के लिए क्यूसीआई (क्वालिटी कौंसिल ऑफ इंडिया) नई दिल्ली की टीम ने सर्वे कर लिया है। आकस्मिक रूप से यहां पहुंची दिल्ली की टीम ने नपा अधिकारियों को साथ लेकर चुनिंदा स्थानों पर निरीक्षण किया। गोपनीय रिपोर्ट तैयार की और चले गए। सर्वे में उन्होंने क्या मार्क किया यह तो ओडीएफ प्रमाणीकरण का रिजल्ट आने पर मालूम होगा लेकिन नपा के दावों की हकीकत इसके विपरीत है। साधन-संसाधन तो नपा ने जुटा लिए लेकिन देखभाल और नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने से हमारा नगर तमाम प्रयासों के बावजूद पिछड़ रहा है।
28 मार्च 2017 को पहली बार नगर ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित हुआ था। हर साल इसका प्रमाणीकरण करवाना होता है लेकिन छह महीने बाद क्यूसीआई ने गोपनीय सर्वे के बाद ओडीएफ प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिया। यही नहीं बल्कि टीप लिखकर दी थी कि नगरपालिका मॉनिटरिंग सिस्टम को कायम नहीं रख सकी। खुले में शौच की प्रक्रिया रोकने व लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाने की दिशा में काम नहीं कर पाई। निरंतर प्रयास की कमी रही है। इसलिए नपा को फिर से ओडीएफ का लक्ष्य दिया है। इसके तहत नपा को साधन, संसाधनों का रखरखाव और इनके सही उपयोग के मार्फत नगर को ओडीएफ प्रमाण-पत्र दिलाना है। 31 मई इसकी आखिरी तारीख है। इसके पहले ही सोमवार-मंगलवार को टीम यहां आई और गोपनीय सर्वे कर चली गई। सर्वे में साथ रहे नपा अधिकारियों के मुताबिक तो टीम को फिलहाल कोई गड़बड़ी नहीं मिली लेकिन अब परिणाम का इंतजार है।
नेता प्रतिपक्ष बोले- हकीकत सामने है तो खानापूर्ति पर कैसे विश्वास करें
नपा पूरे नगर को ओडीएफ करने के दावे कर रही है और खुद नपा परिसर में स्थित इस सुविधाघर पर 8-9 महीने से ताले जड़े हैं।
ताले खुलवाएंगे, मॉनिटरिंग करेंगे, जहां गुंजाइश होगी वहां सुधार करेंगे
नपा स्वास्थ अधिकारी, अशोक शर्मा ने बताया कि नपा परिसर के सुविधाघर में कुछ काम अधूरा रह गया था, इसलिए चालू नहीं किया लेकिन अब एक-दो दिन में ही इसे खुलवा देंगे। दिल्ली की टीम सर्वे कर गई और संतुष्ट भी हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करेंगे और नियमित फॉलो करेंगे ताकि नगर ओडीएफ बना रहे। जिन सुलभ कॉम्प्लेक्स के दरवाजे टूटे हैं, उनकी रिपेयरिंग का काम चल रहा है। टंकियों में पानी भी भरवा रहे हैं। सफाई व्यवस्था समेत जहां गुंजाइश होगी, वहां सुधार किया जाएगा।
नपा नेता प्रतिपक्ष माहम्मद मुस्तकीम मंसूरी का कहना है ओडीएफ के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। नगर में 30 सुलभ कॉम्प्लेक्स हैं। मौजूदा परिषद के पास पिछली परिषद से ज्यादा कर्मचारी और साधन-संसाधन हैं। इसके बावजूद सही काम नहीं हो रहा है। नपा परिसर में नया सुविधाघर बने 8 महीने हो गए लेकिन किसी नेता से फीता कटवाने के चक्कर में सुविधाघर के ताले नहीं खोले जा रहे। जनता तो दूर खुद नपा कर्मचारी लघुशंका व शौच के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। जब कभी सर्वे होता है तो फार्मेलिटी पूरी कर ली जाती है। बाद में कुछ नहीं होता। गुन्नाचौक मसजिद ग्राउंड और तालनाका क्षेत्र के सुविधाघरों के दरवाजे टूटे हैं। समय पर सफाई नहीं होती है। जहां पानी की टंकियां रखी थीं, वे समय पर नहीं भर रही हैं। जब हकीकत सामने है तो फिर खानापूर्ति पर विश्वास करें तो कैसे करें।