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वार्षिक पद्धति से परीक्षा शुरू, 40 की जगह 24 पेज की उत्तर पुस्तिकाएं दीं

3 वर्ष पहले
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जावरा | भगतसिंह शासकीय कॉलेज में शुक्रवार से बीए, बीकॉम, बीएससी प्रथम वर्ष की वार्षिक पद्धति से परीक्षाएं शुरू हुई। 2007-08 के बाद वार्षिक पद्धति समाप्त करके सेमेस्टर शुरू कर दिया था। तब से हर साल छह-छह महीने के सेमेस्टर में परीक्षाएं हो रही थी। शिक्षा-सत्र 2017-18 से इसे खत्म करके वार्षिक प्रणाली लागू कर दी। इसके तहत प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की यह वार्षिक परीक्षा है। दस साल बाद फिर से पहली बार शुरू हुई इस परीक्षा के पहले दिन कम पेज की उत्तर पुस्तिकाएं देने तथा पूरक पुस्तिकाएं नहीं देने से परीक्षार्थी परेशान हुए। एनएसयूआई ने इसे लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है।

एनएसयूआई के प्रेमनारायण गुजराती, संदीप आंजना, राहुल आंजना, दयाराम, राहुल गणावा, राकेश देवड़ा व अन्य विद्यार्थी शुक्रवार दोपहर कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कोठारी से मिले। इन छात्र नेताओं ने बताया कि शुक्रवार को उद्यमिका विकास विषय का पहला पेपर था। हर बार परीक्षा में 40 पेज की उत्तर पुस्तिकाएं दी जाती है लेकिन शुक्रवार को केवल 24 पेज की पुस्तिकाएं दी, जो पर्याप्त नहीं थी। कई परीक्षार्थी पुस्तिका भरने के बाद अधूरे उत्तर छोड़कर जाने को मजबूर हुए। उन्हें अलग से पूरक उत्तर पुस्तिका भी नहीं दी। जब परीक्षा कक्ष में ही विद्यार्थियों ने विरोध किया तो कहा गया कि यूनिवर्सिटी के नियम में अलग से उत्तर पुस्तिका देने का प्रावधान नहीं है। जो पेज कम आए है, वे भी आगे से आए। अब हम कुछ नहीं कर सकते हैं। एनएसयूआई की आपत्ति के बाद कॉलेज प्राचार्य डॉ. कोठारी ने कहा कि इस बारे में विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर अवगत करवाएंगे। अन्य पेपर में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इस बारे में भी बात की जाएगी।

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