संगठन में बड़ी शक्ति होती है। संगठित परिवार, समाज और संस्था कभी असफल नहीं होते हैं। आपसी आत्मीयता, प्रेम, स्नेह, वात्सल्य और एक-दूसरे को सहयोग की भावना से समाज उन्नति कर सकता है। समाज के बड़े, छोटों के प्रति स्नेह और सहयोग का भाव रखें तो समाज के कार्य उत्साह और उमंगता से संपन्न हो पाएंगे।
यह बात कार्यदक्ष मुनिराज पीयूषचंद्रविजयजी ने श्री सौवृत त्रिस्तुतिक जैन श्वेतांबर श्रीसंघ द्वारा आयोजित संयम शिखर स्पर्शोत्सव के अंतिम दिन दादावाड़ी में संयम अनुमोदना धर्मसभा में कही। उन्होंने कहा गुरुदेव राजेंद्रसूरिजी ने जावरा नगर को क्रियोद्धार के लिए चुना। गच्छ के कई आयोजन इस पुण्य भूमि पर हुए हैं। मालवकेसरी हितेशचंद्रविजयजी, उपाध्याय रजतचंद्रविजयजी ने संबोधित किया। मुनिचंद्रसागरजी, विदुषी साध्वी किरणप्रभाश्रीजी आदि ठाणा 6, तपस्वी र|ा दर्शनरेखाश्रीजी मौजूद थे।
अभिनंदन-पत्र भेंट किया
मुनिश्री काे अभिनंदन पत्र भेंट करते गुरुभक्त।
कांबली ओढ़ाने के लिए उमड़े गुरुभक्त
संयम रजत जयंती अनुमोदनार्थ मुनिश्री को कांबली ओढ़ाने और अभिनंदन पत्र भेंट करने के लिए गुरुभक्त उमड़े। त्रिस्तुतिक श्रीसंघ जावरा, आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट मोहनखेड़ा तीर्थ, श्रीराजेंद्रसूरि जैन दादावाड़ी ट्रस्ट, श्रीशंखेश्वर पार्श्व राजेंद्र जैन धार्मिक न्याय, राजेंद्र ऋषभ-शंखेश्वर-राजेंद्र जैन महिला मंडल, त्रिस्तुतिक युवा संघ, जैन श्वेतांबर वरिष्ठ संघ, जीवदया सोसायटी, जैन सोशल ग्रुप जावरा नवकार, र|राज मित्र मंडल रतलाम, शंखेश्वरपुरम तीर्थ ट्रस्ट बदनावर, जयशेखर धाम बड़ावदा, राजेंद्रसूरि गुरुमंदिर ट्रस्ट सुमेरपुर, श्रीराज ऋषभ सातम ग्रुप मुंबई-मोहनखेड़ा सहित खाचरौद, देवास, बिलपांक, थांदला, मेघनगर, उज्जैन, मंदसौर, नामली सहित विभिन्न श्रीसंघ व गुरुभक्तों ने मुनिश्री को कांबली ओढ़ाई और अभिनंदन पत्र भेंट किया।
चातुर्मास के लिए विनती की
मुनिश्री को लाभार्थी परिवारों द्वारा संयम उपकरण वोहराए गए। जावरा श्रीसंघ ने मुनिराज पीयूषचंद्रविजयजी, रजतचंद्रविजयजी से इस साल का ज्ञान, ध्यान, तप, आराधना युक्त चातुर्मास जावरा नगर में करने की विनती की। तीन दिवसीय के लाभार्थी परिवार व अतिथियों का श्रीसंघ ने बहुमान किया।
ये रहे लाभार्थी
गुरुपूजन का लाभ बांसवाड़ा निवासी चंदूभाई शांतादेवी सेठिया परिवार, कांबली ओढ़ाने का थांदला निवासी वर्धमान शकुंतलाबेन, मयूरकुमार तलेरा और रजोहरण वोहराने का भंडारी परिवार राजगढ़ ने लिया। पात्रा वोहराने का राठौर परिवार मुंबई, चादर वोहराने का संघवी परिवार भिवंडी, चौलपट्टा वोहराने का सर्राफ परिवार भिवंडी ने लिया। माला वोहराने का अंजना हितेश मेहता मुंबई, दंडासन वोहराने का मंगलप्रभात मंजू लोढ़ा मुंबई ने लिया। आसन वोहराने का लाभ डांगी परिवार चित्तौड़, मुंहपत्ती वोहराने का रुणवाल परिवार ने लिया।