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अवैध कॉलोनियों में आवास योजना का लाभ मिलेगा, संयुक्त नामांतरण पर भी देंगे फायदा

3 वर्ष पहले
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यदि आपके पास अवैध कॉलोनी में खाली भूखंड हैं और रहने के लिए कहीं भी मकान नहीं हैं। किराये के अथवा कच्चे घर में रह रहेे हैं तो अब प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आपको भी पक्का मकान बनाने के लिए ढाई-ढाई लाख रुपए अनुदान मिल सकेगा। पहले अवैध कॉलोनियों में लाभ का प्रावधान नहीं था लेकिन हाल ही में योजना के नियम शिथिल करने से यह संभव हो गया है। यदि दो या दो से अधिक परिवार (पति-प|ी व अविवाहित बच्चे) संयुक्त रूप से रहते हैं। और उनके एक ही मकान का सम्मिलित नामांतरण है तो ऐसी स्थिति में उसमें सम्मिलित किसी एक परिवार के पक्ष में बाकी द्वारा सहमति देने पर उसे भी आवास बनाने की मंजूरी मिल जाएगी।

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नए नियम और निर्देशों में अहम बात यह है कि इसमें 30 से 45 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले आवासहीन हितग्राही ही पात्र होंगे। जिस पट्टे या भूखंड पर आवास बनाना चाहते हैं, उसका डायवर्शन (भूमि उपयोग परिवर्तन आवासीय) होना जरूरी है। अन्यथा लाभ नहीं मिलेगा। इसका आशय यह है कि यदि अवैध कॉलोनी में भी भूखंड है तो वहां डायवर्शन जरूरी है। बिना डायवर्शन के लाभ नहीं दिया जाएगा। नपा में आवास योजना के नोडल अधिकारी अशोक शर्मा एवं तकनीकी अधिकारी महेश सोनी ने बताया नियमों के सरलीकरण से कई बेघर या आवासहीन पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल सकेगा। यदि पहले व दूसरे चरण में कोई परिवार वंचित रह गया हो तो अगले चरण में आवेदन कर सकता है।

दूसरे चरण के 1015 में से 885 लोगों के खाते में जमा किए 1-1 लाख

अब अवैध कॉलोनियों में भी खाली भूखंड पर आवास योजना के हितग्राहियों को पात्र माना जाएगा। महावीर कॉलोनी का फाइल फोटो।

कुल 3700 का लक्ष्य है, हफ्तेभर बाद फिर होगा वंचित लोगों का सर्वे- आवास योजना में प्लान ऑफ एक्शन के तहत 3700 आवासहीन परिवारों को पक्के घर बनाकर देने का लक्ष्य है। इसमें बीएलसी के साथ ही एएचपी श्रेणी के आवास भी सम्मिलित है। हफ्तेभर बाद बचे हुए पात्र हितग्राहियों का सर्वे भी शुरू होगा। सर्वे में जो आवेदन आएंगे, उनके भूखंड या कच्चे घरों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए भेजेंगे। जैसे ही राशि स्वीकृत होगी, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। ऐसा अनुमान है कि लगभग 1000 से अधिक पात्र हितग्राहियों को तीसरे चरण में लाभ मिल सकता है।

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