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अच्छी पहल : समाजसेवी डॉ. महावीर पामेचा ने छेड़ा साइकिल चलाओ अभियान, अब तक 15 लोग जुड़े, इनमें से कई नियमित चला रहे

3 वर्ष पहले
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सेहत बनाए रखने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग बाइक-कार की बजाय साइकिल का उपयोग करें। खासकर कम दूरी पर जाने या सिटी में भ्रमण के लिए साइकिल को आदत में लाएं। इसी उद्देश्य से यहां के समाजसेवी डॉ. महावीर पामेचा और उनके साथियों ने एक मुहिम छेड़ी है। ये बाकायदा ऐसे लोगों से संपर्क कर उन्हें साइकिल चलाने के फायदे बताने से लेकर प्रेरित करने का काम वे कर रहे हैं।

लोगों को मुहिम से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया वॉट्सएप पर पेडल जावरा नाम से एक ग्रुप बनाया है। इसमें उन लोगों को जोड़ा जा रहा है जो साइकिल चलाने में रुचि रखते हैं। शुरुआत दो सदस्यों से हुई लेकिन महीनेभर में ही 15 सदस्य बन गए है। डॉ. पामेचा बताते हैं कि हर संडे हमारे सदस्यों में से जितनों को समय मिलता है, वे 10-12 किमी लंबा साइकिल रूट तय करके घूमने जाते हैं। इसके अलावा सामान्य दिनों में भी कम दूरी का सफर व सुबह-शाम के वक्त साइकिल से सफर करते हैं। जहां कहीं सार्वजनिक स्थानों पर मिलते हैं तो साइकिल चलाने वालों को प्रोत्साहित व प्रेरित कर रहे हैं। सालों से साइकिल चलाकर वार्ड भ्रमण करने वाले पूर्व पार्षद प्रदीप शर्मा भी साइकिल अभियान की अहम कड़ी है। वे कहते हैं हेल्थ के लिए अच्छी है इसलिए साइकिल चलाते हैं। मेरे प्रेरणास्रोत डॉ. पामेचा है। यह स्व-प्रेरणा से जुड़ा मामला है। फिर भी प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग साइकिल से जुड़ें। वर्तमान में पेडल जावरा ग्रुप में डॉ. पामेचा, पूर्व पार्षद शर्मा के अलावा अमित पोखरना, अभय कोठारी, अल्पेश कावड़िया, अतुल मेहता, बाबूलाल राठौर, मयंक अग्रवाल, प्रदीप खारीवाल, डॉ. प्रद्युम्न पामेचा, पुखराज भंडारी, सचिन खारीवाल, संजय दासोत, शेखर नाहर, विनोद दख शामिल हैं, जो नियमित समय निकालकर थोड़ी देर साइकिल चलाते हुए दिख जाएंगे।

सेहत बनी रहे, पर्यावरण दूषित ना हो इसलिए चलाते हैं साइकिल, वाट्सएप पर ‘पेडल जावरा ग्रुप’ बनाकर और लोगों को भी जोड़ रहे

पेडल ग्रुप के सदस्य बोले अलग पार्किंग व रोड किनारे साइकिल-वे बने

डॉ. पामेचा नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं। ग्रुप बनाकर हर संडे 10-12 किमी घूमते हैं।

साइकिल चलाने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए अलग से इसका पार्किंग स्थल होना चाहिए। खासकर नए रोड बने तब साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाना चाहिए। स्कूल-कॉलेज में आने वाले स्टूडेंट्स को बाइक की जगह साइकिल से आने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके लिए शिक्षण-सत्र चालू होने पर ग्रुप सदस्य पत्र व्यवहार भी करेंगे।

जानिए रोज 30 मिनट साइकिल चलाने के फायदे, मोटापा कम होता है

रोज आधे घंटे साइकिल चलाने से व्यक्ति की कैलोरी काफी खर्च होती है। इससे शरीर का एक्स्ट्रा फैट (मोटापा) कम होता है। साइकिल चलाने से बॉडी की इम्युन सेल्स ज्यादा एक्टिव होती है और लोग कम बीमार पड़ते हैं। यह अच्छे व्यायाम की तरह शरीर को फिट और स्वस्थ बनाए रखने में कारगर हैं। साइकिल चलाने से ब्रेन पॉवर ज्यादा एक्टिव होता है। साथ ही शरीर के सभी अंग एक्टिव होने से रात में अच्छी नींद आती है। रोज दो किमी या 30 मिनट साइकिल चलाने से ज्यादा समय तक जवान दिखते हैं। पर्यावरण की दृष्टि से लाभदायक है। बाइक में जहां ईंधन खर्च होता है। धुएं से प्रदूषण फैलता है। पार्किंग की दिक्कत है। इसमें ऐसा कुछ नहीं है।

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