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जीना एक कला, सत्य बोलने वाला व्यक्ति हमेशा ईश्वर के निकट रहता है - गौतममुनिजी

3 वर्ष पहले
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जीवन हर जीव को मिला है, जीवन जीना एक कला है। देवता, इंसान, साधु-संत, जीव-जंतु सभी अपनी मर्यादानुसार जीवन जीते हैं लेकिन जिस मन में दया, करुणा के भाव जागृत होते हैं, वही व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक करता है। जिसकी वाणी में सत्यता का वास होता है, वहां ईश्वर का वास होता है। सत्य बोलने वाला व्यक्ति हमेशा ईश्वर के निकट रहता है।

यह बात मेवाड़ भूषण उपप्रवर्तक गौतममुनिजी ने रविवार को खाचरौद रोड स्थित चपड़ोद कृषि फॉर्म पर धर्मसभा में कही। उन्होंने कहा मानव जीवन की सार्थकता असहाय की मदद में निहित है। ऐसे में ईश्वर का साक्षात्कार संभव हो सकता है। जावरा गुरु कस्तूरचंदजी की पुण्यभूमि का नगर है। यहां के नगरवासियों को अपने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा, आस्था, विश्वास और समर्पण की भक्ति भावना के साथ संकल्पों को पूरा करना होगा और यही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। धर्मसभा को तपस्वी संत वैभवमुनिजी, शालिभद्रमुनिजी, महासती डॉ. मधुबालाजी, श्यामाजी, सुदर्शनाजी ने भी संबोधित किया। धर्मसभा व नवकारसी के लाभार्थी मनोहरलाल नगीनकुमार नवीनकुमार चपड़ोद परिवार रहे। संचालन आनंद रांका ने किया।

खाचरौद रोड स्थित चपड़ोद कृषि फाॅर्म पर धर्मसभा में उपस्थित श्राविकाएं।

कस्तूर प्रताप विहार धाम का लोकार्पण आज होगा

सोमवार सुबह 8 बजे उपप्रवर्तक गौतममुनिजी के सानिध्य में गांव राजाखेड़ी में कस्तूर प्रताप विहार धाम का लोकार्पण होगा। विहार धाम के लाभार्थी धरमचंद पंकजकुमार श्रीश्रीमाल(सादाखेड़ी) का बहुमान गुरुदेव के सान्निध्य में होगा।

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