मंदिर भूमि स्वामी पुजारियों को बनाने के लिए एसडीएम को आज देंगे ज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों पर पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों की आजीविका का एकमात्र साधन मंदिर की भूमि है। इस पर पुजारियों की जगह कलेक्टर का नाम दर्ज होने को लेकर पुजारियों में रोष है। पुजारी संघ के विरोध में सोमवार को धरना प्रदर्शन करेगा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम वीरसिंह चौहान को देगा। इसी संबंध में गीताभवन में बैठक में आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अभा संत समाज एवं देवस्थान पुजारी संघ अध्यक्ष किशनदास बैरागी, उपाध्यक्ष मनमोहन पांडेय ने बताया जावरा-पिपलौदा ब्लॉक में 300 मंदिर आते हैं। जिसकी पूजा-अर्चना व देखरेख का काम पुजारी करते हैं। पुजारियों को पिछले पांच सालों से एक हजार रुपए मानदेय दिया जा रहा है, जो कम है। उनका मानदेय 7500 रुपए किया जाए। इधर सरकारी मंदिरों की कृषि भूमि के कॉलम तीन में भूमि स्वामी के आगे कलेक्टर का नाम लिखने से पुजारी संघ नाराज है। जिसका सभी पुजारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। मंदिर भूमि के खाता खसरा में 12 कॉलम होते हैं, जिसमें कॉलम नंबर 12 में पहले भूमि स्वामी पुजारी थे, अब इसे हटाकर कॉलम नंबर 3 में कलेक्टर का नाम लिख गया गया। पुजारियों ने बताया मंदिर की कृषि भूमि से पुजारी व उनके परिवार का भरण पोषण होता है। इसी संबंध में 16 अप्रैल को जावरा व पिपलौदा ब्लॉक के सभी पुजारी गीताभवन में इकट्ठा होंगे। विरोध जताएंगे। गीताभवन से प्रदर्शन करते हुए रैली निकालेंगे, जो एसडीएम कार्यालय पहुचेंगे, जहां सीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर भूमि स्वामी पुजारियों को बनाएं जाने की मांग की जाएगी। ओंकारदास बैरागी, जितेंद्रदास बैरागी, दीपकदास बैरागी, जानकीदास बैरागी, रामदास बैरागी, विष्णु बैरागी, गोपालदास बैरागी आदि ने पुजारियों से धरने को सफल बनाने की अपील की।