रेलवे स्टेशन चौराहे अौर कोर्ट के बगीचे में फव्वारे चालू हुए
स्टेशन चौराहे पर काटजू प्रतिमा के आसपास नगरपालिका ने दो साल पहले फव्वारे और रंग-बिरंगी लाइट लगाई थी लेकिन सालभर से ये बंद ही पड़े थे। कोर्ट बगीचे में भी फव्वारा कुंड तो है लेकिन उपयोग नहीं हो रहा था। अब नगरपालिका ने इनकी सुध ली और दोनों जगह फव्वारों का मेंटेनेंस कर इन्हें चालू कर दिया है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाने भी लगे हैं। इससे सुंदरता बढ़ गई और सबको ये आकर्षित कर रहे हैं। नपा ने कोर्ट बगीचे के साथ ही नगर के अन्य बगीचों के सौंदर्यीकरण के लिए भी काम शुरू कर दिया है।
फाटक समीप रेलवे स्टेशन चौराहा सबसे व्यस्ततम है। यहां फव्वारे और लाइट चालू होने से रौनक लौट आई है। दो साल पहले नपा ने इस स्टैच्यू के आसपास का परिसर छोटा करके फव्वारे व लाइट लगाई थी। दो-तीन महीने ही चली और मेंटेनेंस नहीं होने से फिर बंद हो गई। अब फिर से नपा ने इसे चालू कर दिया है। इसी तरह कोर्ट समीप बगीचे में भी रंगीन लाइट लगा दी गईं और यहां जो फव्वारा बंद पड़ा था, उसे भी चालू कर दिया गया है। शाम होते ही लोग यहां घूमने आते हैँ और खुशनुमा माहौल का लुत्फ उठाते हैं। अब लोग यही चाहते हैं कि यह व्यवस्था बनी रहे तथा मेंटेनेंस पर नपा ध्यान दें। साथ ही अन्य बगीचे जो उजड़े हुए पड़े हैं, उनकी हालत भी सुधारें।
नगर पालिका ने बगीचों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया, शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी सबको कर रहे आकर्षित
इसी कुंड में डेढ़ महीने पहले चार साल की मासूम डूबी थी, रेलिंग लगाई
नगरपालिका ने स्टेशन चौराहे पर लगे स्टैच्यू के आसपास फव्वारे और रंग-बिरंगी लाइट लगा दी।
कोर्ट बगीचे में जो फव्वारा कुंड है, उसके आसपास रेलिंग नहीं होने से 16 फरवरी की शाम स्टेशन रोड निवासी 4 वर्षीय आयशा उर्फ आशु की इसमें डूबने से मौत हो गई थी। भास्कर ने रेलिंग लगाने के लिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नपा ने यहां रेलिंग भी लगवा दी और फव्वारे चालू हो गए। इससे अब असुरक्षा का डर भी नहीं है।
इस साल शहर के 23 बगीचों पर 20 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान
मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में नपा ने बगीचों पर खर्च के लिए 20 लाख रुपए का प्रावधान किया है। नगर में कुल 23 बगीचे हैं। इनमें से मौजूदा स्थिति में केवल जवाहर बालोद्यान और कोर्ट बगीचा ही सही है। बाकी उजड़े हुए हैं। नपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा का कहना है बगीचे शहर की जरूरत है और इनके विकास के लिए काम शुरू कर दिया है। चरणबद्ध तरीके से सभी बगीचों में हरियाली लौटाएंगे। जरूरी उपकरण लगाएंगे। मेंटेनेंस के जो सुझाव आ रहे हैं, उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।