चार दिन में पोर्टल अपडेट नहीं, जिससे चना, मूसर, सरसों की खरीदी गड़बड़ाई
चना, मसूर व सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू से गड़बड़ाई हुई है। जावरा क्षेत्र के पंजीकृत किसानों से उपज खरीदी के लिए भीमाखेड़ी सोसायटी को जिम्मेदारी दी लेकिन संस्था का नाम पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रहा है। चौथे दिन शुक्रवार को खरीदी शुरू नहीं हो सकी। अरनियापिथा नई मंडी प्रांगण में पिपलौदा क्षेत्र के किसानों से उपज खरीदी के लिए नांदलेटा सोसायटी को एजेंसी नियुक्त किया है। दो किसान उपज लेकर आए। दिनभर उन्हें इंतजार करवाया और शाम को दो-दो बोरी खरीदने की बात कही। एक किसान ने दो बोरी चने बेचे और बाकी वापस ले गया। दूसरे किसान को पूरी उपज नहीं खरीदने से मायूस होकर लौटना पड़ा।
भीमाखेड़ी सेवा सहकारी संस्था ने नई मंडी के गोदाम में खरीदी शुरू करने के लिए तमाम व्यवस्था जुटा ली है। शुक्रवार को दिनभर संस्था प्रबंधक कमलसिंह चंद्रावत और उनका स्टाफ मंडी में ही बैठे रहे लेकिन समर्थन मूल्य खरीदी के पोर्टल पर भोपाल से भीमाखेड़ी संस्था का नाम नहीं जुड़ा। खरीदी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। संस्था प्रबंधक ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाया तो जवाब मिला भोपाल से ही संस्था का नाम पोर्टल पर जुड़ेगा लेकिन कब तक यह जवाब किसी के पास नहीं है। खरीदी कब शुरू होगी या नहीं होगी, यह असमंजस बरकरार रहने से किसान भी उपज लेकर नहीं आ रहे है। संस्था के 68 किसानों को मैसेज जा चुके लेकिन कोई उपज लेकर नहीं आया, अन्यथा अकारण परेशान हाेना पड़ता।
दोपहर तक क्वालिटी कंट्रोलर नहीं आए, शाम को कहा 2-3 बोरी ही लेंगे- नांदलेटा संस्था के खरीदी केंद्र पर झांतला के गोविंदराम कुमावत एवं रियावन निवासी बलवंतसिंह राजपूत चने बेचने पहुंचे। ये दोपहर 12 बजे केंद्र पहुंच गए लेकिन तब रतलाम से क्वालिटी कंट्रोलर नहीं आए थे। इसलिए इन्हें रोक दिया। क्वालिटी कंट्रोलर को आने में शाम 4 बजे गए। उसने उपज की गुणवत्ता जांची। रियावन के किसान की 8 में से 3 बोरी उपज को सही बताया। किसान 5 बोरी उपज वापस ले गया। झांतला का किसान 14 क्विंटल चने लाया था, लेकिन संस्था ने 2 बोरी खरीदने की बात कही। किसान गोविंदराम ने कहा कि मैंने 5 बीघे का पंजीयन करवाया लेकिन केवल दो बोरी खरीदने का क्या मतलब। संस्था कर्मचारियों ने बताया पंजीयन में आधे बीघे का ही उल्लेख है। इसलिए दो बोरी खरीदेंगे। किसान का कहना है पावती की फोटोकॉपी साथ में लगा रखी लेकिन आपने आधे बीघे का पंजीयन क्यों किया, इसका जवाब कोई नहीं दे पाया और किसान सारी उपज वापस ले गया।
भीमाखेड़ी संस्था के अधिकारी-कर्मचारी नई मंडी स्थित गोदाम में पोर्टल अपडेट होने का इंतजार करते रहे।