भास्कर संवाददाता | जावरा/असावती
शनिवार दोपहर शकरखेड़ी के पास जंगल में आग भड़क गई। चंबल किनारे लगभग किलोमीटर क्षेत्र में आग फैलने से हजारों पेड़ व झाड़ियां जल गए। किसानों की निजी भूमि पर आग फैलने से वहां जलाऊ लकड़ियां, घास जलकर नष्ट हो गई। जावरा, पिपलौदा व ताल की चार दमकल और कई निजी टैंकरों की मदद से शाम 5.30 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
जावरा-सीतामऊ रोड स्थित शकरखेड़ी से थोड़ी दूर जंगल में दोपहर 12 बजे आग लगी। कुछ लोगों ने आग फैलती देखी तो सहायक सचिव हरीश शर्मा व गांव के अर्जुन शर्मा, संजय प्रजापत, प्रहलाद प्रजापत आदि को सूचना दी। ये मौके पर पहुंचे और आग देख जावरा नगरपालिका की दमकल को सूचना दी। थोड़ी देर बाद पिपलौदा व ताल से दमकल बुलाना पड़ी। दोपहर 2 बजे एसडीएम वीरसिंह चौहान, तहसीलदार राकेश सस्तिया राजस्व एवं पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के निजी टैंकर मंगवाए और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। मशक्कत के बाद शाम 5.30 बजे आग पर नियंत्रण किया जा सका। तहसीलदार सस्तिया ने बताया हालांकि ऐहतियात के तौर पर अभी एक दमकल मौके पर है। आग का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
कई किसानों की जलाऊ लकड़ियां, घास जल गई, पर्यावरण को नुकसान- गोंदीशंकर से थोड़ी दूर सगस बावजी के स्थान समीप से लेकर ग्राम शकरखेड़ी के बीच चंबल नदी क्षेत्र में करीब डेढ़ किलोमीटर एरिया प्रभावित हुआ। ज्यादातर भूमि सरकारी थी लेकिन बीच में कई किसानों की निजी पड़त व खेती की भूमि पर लगे पेड़, जलाऊ लकड़ियां व घास जल गए। शकरखेड़ी निवासी फत्तीबाई पति रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया मेरे खेत किनारे पलाश व बबूल की 30 क्विंटल जलाऊ लकड़ी रखी थी जो जलकर नष्ट हो गई। किशनलाल पिता कचरूलाल चंद्रवंशी ने बताया 1500 पुले जल गए। मवेशियों के लिए कुछ नहीं बचा। बड़े क्षेत्र में आग के कारण पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ।
आग से दमकल घिर गई, कर्मचारियों ने पीछे लेकर नुकसान होने से बचाया।
गर्मी और हवा से फैली आग, गांव तक पहुंची
धूप और 43 डिग्री तापमान के बीच तेज हवा से आग तेजी से फैली। थोड़ी देर में आग शकरखेड़ी तरफ बढ़ने लगी। लोग घबरा गए। बीच में जावरा-सीतामऊ रोड तक लपटे आ गई। यहां आग बुझा रही दमकल भी लपटों से घिर गई। लोगों ने तत्काल पाइप समेटे और चालक ने रिवर्स ली। दमकल में नुकसान होने से बच गया।