चारित्र के बिना मोक्ष संभव नहीं। जब हमारे शरीर में किसी प्रकार की पीड़ा या वेदना का एहसास होता है तो वो दर्शन है। वेदना के उपचार के लिए चिकित्सक हमें जो सलाह देता है वो ज्ञान है। उपचार के लिए दी औषधि को लेना चारित्र है। जिस प्रकार तीन पहिया की गाड़ी एक पहिये के बिना आगे नहीं बढ़ पाती है। उस प्रकार दर्शन और ज्ञान के बिना चारित्र संभव नहीं।
यह बात मालव केसरी हितेशचंद्र विजयजी ने संयम शिखर स्पर्शोत्सव के दूसरे दिन पीपली बाजार उपाश्रय में धर्मसभा में कही। कार्यदक्ष मुनिश्री पीयूषचंद्रविजयजी ने कहा मेरे जीवन पर तीन गुरु भगवंतों का उपकार रहा। आचार्यश्री हेमेंद्र सूरीश्वरजी ने मुझे दीक्षा प्रदान कर संयम जीवन में आरुण किया। जयशेखरविजयजी ने मुझे संयम लेने के लिए प्रेरित किया और ऋषभचंद्रसूरीश्वरजी ने मेरा हाथ थामकर मुझे शिष्य बनाया। जावरा संघ त्रिस्तुतिक गच्छ का प्रमुख संघ है, इसका अपना इतिहास रहा है। संघ में आत्मीयता, प्रेमभाव बना रहे और श्रीसंघ निरंतर उन्नति करें, ऐसी शुभाशिर्वाद है। युवा बोधी मुनिराज रजतचंद्रविजयजी ने धर्मसभा में कहा इतनी गर्मी में खुले पांव वरघोड़े में घुमना और गुरुभक्ति में कमी ना होना संयम है। शास्त्रों के अनुसार काया का निग्रह करना संयम है। सफेद कपड़े पहनाकर संयम का प्रतीक है, लेकिन गृहस्थ जीवन में वाणी, आहार, बोलने-चलने और विवेक का संयम रखकर हम अपने व्यवहारिक जीवन का पालन कर सकते हैं। धर्मसभा का संचालन विशाल छाजेड़ ने किया।
मनुहार पत्रिका का विमोचन हुआ- युवा मनीषी दिव्यचंद्रविजयजी, उपाध्याय दिव्यचंद्रविजयजी, मुनिर| सागरजी, विदुषी साध्वी किरणप्रभाश्रीजी आदि ठाणा-7 की उपस्थिति में 6 से 8 जुलाई तक होने वाले 150वें क्रियोद्धार दिवस की मनुहार पत्रिका का विमोचन श्रीसंघ अध्यक्ष ज्ञानचंद चोपड़ा, मंत्री मदनसिंह चौरड़िया, कोषाध्यक्ष विनोद बरमेचा, दादावाड़ी ट्रस्ट ट्रस्टी महेंद्र गोखरू, सरदारमल लोढ़ा, बाबूलाल खिमेसरा, कमल नाहटा, अशोक कोठारी ने किया।
मुनिश्री ने गुरु-भगवंतों की जानकारी दी
पीपली बाजार उपाश्रय में धर्मसभा को संबोधित करते मुनिश्री, मौजूद समाजजन।
सुबह अभिषेक, शाम को जीवदया यात्रा निकली
सुबह 6 बजे राजेंद्रसूरी सहस्त्राभिषेक, दोपहर में गुरुदेव की अष्टप्रकारी पूजन, संयम उपकरण वधामणा का आयोजन हुआ। मुनि व साध्वी मंडल की निश्रा में उजामणा कक्ष का शुभारंभ संजय वाणी गोता, भंवरलाल छाजेड़, मांगीलाल रामाणी, ललित पुनमिया के साथ श्रीसंघ सदस्यों ने किया। शाम को गोशाला तक जीवदया यात्रा निकाली गई। गोमाता की सेवा भक्ति कर लापसी, हरा चारा, खल आदि खिलाया। रात में चौबीसी व मेहंदी हुई। समाजर| के.एल.सकलेचा परिवार ने साधु-साध्वी भगवंत के माता-पिता का बहुमान किया। मुंबई के जैन संगीतकार विनीत गेमावत, प्रियंका जैन दिल्ली ने भजनों की प्रस्तुति से समा बांधा।
संयम अनुमोदना वरघोड़ा निकला- मुनिमंडल और साध्वी मंडल की निश्रा में धर्मसभा से पहले पहाड़िया रोड स्थित लुक्कड़ आराधना भवन से संयम अनुमोदना वरघोड़ा निकला। जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ पीपली बाजार राजेंद्रसूरि पौषधशाला पहुंचा। वरघोड़े में भक्ति गीत और ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवा थिरके। जगह-जगह गुरुभक्तों ने गुरु भगवंतों का गहुली कर स्वागत किया। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, भाजपा जिला महामंत्री भेरूलाल पाटीदार, धरमचंद चपड़ोद, मुकेश चंडालिया, कमल नाहटा, देवेंद्र मुणत, अशोक लुक्कड़, अनिल चौपड़ा, राजेश बरमेचा, राकेश पोखरना, शिखर धारीवाल, विनोद मेहता, नरेंद्र कांठेड़, संजय आंचलिया, जितेंद्र संचेती, विभोर जैन, आतिश औरा, अर्पित चत्तर, अंकित लुक्कड़, पंकज जैन समाजजन मौजूद थे।
ये रहे लाभार्थी
राजेंद्रसूरि सहस्त्राभिषेक का लाभ करही निवासी अमोलकचंद हुकमबाई डोसी, नवकारसी का रतन राजेशकुमार पुनमिया (भायंदर), स्वामीवात्सल्य का जेठमल रिखबचंद लुक्कड़ (चैन्नई), अष्टप्रकारी पूजन और उपकरण वधामणा का लाभ रतनीबाई भागचंद पुनमिया (भायंदर), स्वामी वात्सल्य का धुम्बडिया निवासी पुखराज हस्तीमल वरदा रांका (मुंबई), मेहंदी चौबीसी का थांदला निवासी सुशीलादेवी सुभाषचंद पोरवाल परिवार ने लिया। श्री राजेंद्रसूरि जैन दादावाड़ी, जयशेखरधाम बड़ावदा, राजेंद्रसूरि गुरु मंदिर सुमेरपुर ने परमात्मा की अंगरचना का लाभ लिया। जीवदया यात्रा का लाभ पोमावा निवासी नंदाबेन धनराज सिरोहिया परिवार ने लिया।
आज ये आयोजन होंगे
संयम रजत जयंती महोत्सव के अंतिम दिन रविवार सुबह 6.30 बजे सामूहिक सामयिक चारित्र पदाभिषेक, 9 बजे धर्मसभा और रात में भक्ति भावना होगी।