नगर के मध्य सिटी-चौपाटी रोड की रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक के नाटक से लोग परेशान हैं। ओवर एवं अंडरब्रिज दोनों स्वीकृत है लेकिन तकनीकी स्वीकृति के इंतजार में कागजों से बाहर नहीं आ रहे। चुनावी साल में फाटक की समस्या नासूर बनती जा रही है। शुक्रवार को फाटक खराब होने से करीब घंटेभर जाम लगा। फाटक सुधारने व यातायात बहाल करने में रेलवे व पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करना पड़ी। 43 डिग्री तापमान के बीच जाम में उलझे नगरवासी परेशान हुए। दिनभर फाटक का नाटक चलता रहा और शाम को सुधार हुआ।
शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे मालगाड़ी निकालने के लिए फाटक बंद किया। दो ट्रेनों की क्रॉसिंग के चक्कर में फाटक 20 मिनट से अधिक बंद रही। इसके बाद जब इसे खोलना चाहा तो खराब हो गई। एक तरफ का बैरियर उठ गया लेकिन सिटी तरफ का बैरियर नहीं उठा। रेलवे स्टेशन अधीक्षक से लेकर फाटक संचालक नर्मदादेवी, रेलवे कर्मी शेरसिंह ने मशक्कत की। आधे घंटे तक फाटक का बैरियर नहीं खुला। इस बीच लंबा जाम लग गया धूप में लोग परेशान हो रहे थे यातायात इंचार्ज रविशंकर वर्मा, एएसआई एस.एस. ठाकुर, आरक्षक जगदीश चंद्र, समाजसेवी पवन पंवार, धर्मेंद्रसिंह तोमर आदि ने यातायात डायवर्ट किया। एक रेलवेकर्मी ने बैरियर को कंधे पर उठाकर नीचे से लोगों को निकालने में मदद की। आखिर पौने 12 बजे फाटक का बैरियर उठा। लोग निकल सके लेकिन जाम लंबा होने से यातायात बहाल होने में 15 मिनट लग गए।
ना वैकल्पिक मार्ग बना, ना ब्रिज का काम शुरू हुआ, टेंट भी नहीं लगा
फाटक खराब होने से एक बैरियर नहीं खुला। लोग परेशान हुए तो कर्मचारी ने बैरियर उठाकर रास्ता किया।
अफसर बोले रेलवे ड्राइंग में संशोधन करना बाकी है
सेतु निगम एसडीओ आर.पी. गुप्ता ने बताया रेलवे ने पहले अंडरब्रिज की बात कही लेकिन अभी इसकी तैयारी नहीं है। ओवरब्रिज की ड्राइंग अप्रुअल के लिए रेलवे बोर्ड मुंबई जा चुकी है। वहां से आंशिक संशोधन के बाद दोबारा पेश करने के लिए कहा है। रेलवे में डिप्टी सीई का पद खाली था लेकिन नए अधिकारी ने ज्वाइन कर लिया। इसलिए इसे गति देंगे। जल्द जीएडी साइन होगी और बारिश पहले काम शुरू करने का प्रयास है। तहसीलदार राकेश सस्तिया ने कहा वैकल्पिक मार्ग के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था लेकिन अभी कुछ प्रोग्रेस नहीं है।
भरी दोपहरी में जाम में फंसे संस्था आमजन के सदस्य सुनील पोखरना ने फिर जिम्मेदारों की कार्यशैली और दावों पर सवाल उठाए। पोखरना ने कहा कि जब दोनों ब्रिज स्वीकृत है। दोनों जनप्रतिनिधि व अधिकारी सभी बोल रहे कि तमाम प्रयास कर रहे हैं। ब्रिज निर्माण तक वैकल्पिक मार्ग के लिए पत्र लिखे। जब सभी लगे हुए है तो फिर काम करने से रोक कौन रहा है। दिक्कत कहां है, यह जनता को बताना चाहिए। फाटक से परेशान लोग मौके पर जिम्मेदारों को कोस रहे थे कि ना वैकल्पिक मार्ग पक्का बना। ना ब्रिज का काम शुरू हो रहा है। कुछ लोग तो टेंट लगाने का कह रहे थे लेकिन वह भी गायब हो गए। महीनेभर पहले शासन ने नपा को निर्देशित किया था कि जहां ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं, वैसे सार्वजनिक स्थानों पर छांव की व्यवस्था की जाए। फाटक भी ऐसा स्थान है, लेकिन यहां कोई ध्यान नहीं दे रहा है।