अब अकेले घूम रहे हैं नेताजी
अब अकेले घूम रहे हैं नेताजी
एक नेताजी सालों तक राजनीति दल में महत्वपूर्ण पद में जमे रहे। जब चुनाव का समय आया, तो निर्दलीय उपाध्यक्ष प्रत्याशी के रूप में दावेदारी पेश की और चुनाव प्रचार में लग गए। प्रचार वाहन के माध्यम से युवावस्था से अब तक जनहित में किए गए कार्यों का बखान किया और उसी के दम में चुनाव जीतने की बात कही। पर अब नेताजी अकेले घूम रहे हैं। बातचीत के क्रम में उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति गड़बड़ हो गई। इसलिए वे हार मान चुके हैं। लेकिन जनहित के लिए कार्य जारी रहेगा।