3 साल बाद भी 2500 शिक्षाकर्मियों को पीएफ जमा होने का है इंतजार
भास्कर न्यूज | जशपुर/अंकिरा
शासन के आदेश के इंतजार में 25 सौ शिक्षाकर्मियों के पीएफ खातों में तीन साल बाद भी 31 माह की पीएफ राशि जमा नहीं हुई है। यह राशि अप्रैल 2012 से अक्टूबर 2014 की बीच की है। राशि जमा नहीं होने से हर साल 8 % ब्याज का नुकसान शिक्षाकर्मियों को हो रहा है।
उक्त अवधि में शिक्षाकर्मियों के वेतन से तो 10% राशि काटी गई पर शासन से आदेश नहीं मिलने से इसे बीईओ के खाते में जमा करा दिया। शिक्षाकर्मी संघ ने उक्त 31 महीने की राशि को पीएफ खाते में जमा करने के लिए कई बार आवेदन बीईओ कार्यालय में दिया, पर मांग पर सुनवाई अब तक नहीं हुई। शिक्षाकर्मियों के अनुसार बीईओ कार्यालय ने करीब ढाई से तीन करोड़़ राशि शिक्षकों के पीएफ खाते में नहीं जमा कराई है।
जानिए, शिक्षाकर्मियों को
कैसे हो रहा नुकसान
2005 बेच के शिक्षाकर्मियों को 20 से 22 हजार, 2006 बेच के शिक्षाकर्मियों को 15 से 17 हजार व 2007 बेच के शिक्षाकर्मियों को 14 से 16 हजार रुपए वेतन मिलता है। पीएफ खाते में वेतन का 10 प्रतिशत राशि शासन जमा कराती है। अकेले फरसाबहार में ही 3 सौ शिक्षाकर्मियों की यह राशि लगभग एक करोड रुपए होती है,जो अब तक शिक्षा कर्मियों के खाते में जमा नहीं हो पाई है। यह राशि खाते में समयानुसार जमा होती तो हरेक शिक्षाकर्मियों को अब तक ब्याज के रूप में हजारों रुपए अतिरिक्त जमा होते। हिसाब किताब सही नहीं होने से दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवार को भी इस राशि का भुगतान नहीं हो पाया है।
सीधी बात
शशिकांत सिंह, समन्वयक सचिव सतत शिक्षा एवं सर्वशिक्षा कार्यक्रम जशपुर
शिक्षाकर्मियों की 31 महीने की पीएफ राशि बीईओ खाते में कयों जमा कराई ?
पीएफ खाते में जमा करने के लिए वेतन का 10% राशि हर माह काटी परंतु शासन से आदेश नहीं आया था इसलिए बीईओ के खाते में जमा करा दिया था।
वर्तमान में क्या स्थिति है ? शासन से आदेश आ गया है। उक्त अवधि की राशि उनके खाते में जमा करा दी जाएगी।
इससे तो शिक्षा कमिर्यों को 3 साल का ब्याज नहीं मिल पाएगा?
इसके लिये मार्गदर्शन लेकर पहल की जाएगी ताकि इन्हें नुकसान न हो।
तीन साल के दौरान जिन शिक्ष्ाकर्मियों की मौत हुई, उनके लिए कया करेंगे। इसके लिए प्रयास कर रहा हूं ताकि परिजनों को तुरंत राहत मिल सके।