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बाल संप्रेक्षण गृह के ग्रिल व दरवाजे मेंे लगे 3 तालों को तोड़कर भागे 9 बच्चे

3 वर्ष पहले
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जशपुरनगर के बाल संप्रेक्षण गृह के पीछे का दरवाजा और ग्रिल में लगे 3 ताले को तोड़कर शुक्रवार की सुबह 3 बजे 9 नाबालिगों के फरार हो गए। 7 घंटे बाद इनमें से तीन बच्चे खुद ही लौट आए वही चौथे को पकड़कर पुलिस ने संचालक को सौंप दिया। फरार नाबालिगों में कुछ पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप भी हैं।

नगर के बाल संप्रेक्षण गृह में विभिन्न मामलों में 20 बच्चे रखे गए हैं। शुक्रवार की सुबह 3 बजे के आसपास 9 बच्चों ने पहले संप्रेक्षण गृह के पीछे के दरवाजे और ग्रिल का ताला तोड़ा और फरार हो गए। इ संप्रेक्षण गृह के प्रभारी ने इसकी सूचना जशपुर थाने में दी तो पुलिस ने एक को ढूंढ़कर संप्रेक्षण गृह पहुंचा दिया। 3 अन्य 10 बजे के करीब स्वयं संप्रेक्षण गृह पहुंच गए। 5 बालक अभी भी फरार हैं। फरार पांचों अपचारी बालक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज है और शेष 4 पर 457 और 380 के मामले दर्ज थे।

7 घंटे बाद 4 बच्चे लौट आए, जिन पर दुष्कर्म का आरोप वे 5 अब भी हैं फरार

भागने से पहले बच्चों ने बाल संप्रेक्षण गृह में तोड़फोड़ भी की।

4 आरा क्षेत्र के जंगलों में घूमते रहे फिर वापस आए

4 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह से भागने के बाद आरा क्षेत्र के जंगलों में भटकने के बाद वापस आ गए थे। चारों बालको को आरा के जंगलों में भटकने के बाद अपनी गलती का अहसास होने के साथ ही डर लगा तो सभी वापस संप्रेक्षण गृह में वापस आ गए, वहीं एक अपचारी बालक कलेक्टोरेट के पास घूम रहा था, जिसे की पुलिस ने सूचना के बाद पकड़कर थाने ले आई।

सुरक्षा व्यवस्था में लगे लोगों को नोटिस दिया है

सुबह 3 बजे के आसपास पिछले दरवाजे और ग्रिल में लगे ताला को तोड़ते हुए 9 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए थे। इसमें 4 वापस आ गए हैं। इनके द्वारा संप्रेक्षण गृह के ़सामानों में तोड़फोड़ की गई हैं। सुरक्षा में लगे लोगों को नोटिस दी गई है कि ऐसी लापरवाही कैसे हुई है। नीरज यादव, प्रभारी, बाल संप्रेक्षण गृह जशपुरनगर

भागने से पहले में तोड़फोड़ की, फिर भी कर्मी अनजान

फरार 9 अपचारी बालक एक ही कमरे में थे। सबसे पहले उन्होंने रोशनदान से भागने के लिए एग्जास्ट पंखे में तोड़फोड़ की। ग्रिल को तोड़ने में सफल नहीं हुए तो कमरे की खिड़की में लगी ग्रिल को तोड़ने की कोशिश की पर वे ग्रिल की एक दो पत्ती ही तोड़ पाए और मोटे एंगल के कारण वहां से भागने में सफल नहीं हो पाए। तब उन्होंने कमरे का दरवाजा खाेला और संप्रेक्षण गृह के पिछले दरवाजे पर लगे ताले को तोड़ दिया। उसके बाद ग्रिल में लगे दो तालों को तोड़कर फरार हो गए। भागने से पहले इन्होंने प्लास्टिक के सामन टेबल, घड़ी और कई ़सामानों में तोड़फोड़ की। वर्तमान में बाल संप्रेक्षण गृह में रात में सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड जवान के साथ दो अन्य कर्मचार हैं। भवन में सीसीटीवी कैमरे भी लगेे हैं। बावजूद तोड़फोड़ की जानकारी स्टाफ को नहीं लगी जो व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है।

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