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शहर के गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए ब्राह्मण समाज ने सौंपा ज्ञापन

3 वर्ष पहले
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शहर के कॉलेज रोड में सागर होटल से बांकी नदी तक नाली का निर्माण कराया जा रहा है। नगर सरकार इस नाली से नगर का गंदे पानी को नदी तक पहुंचाना चाहती है। इस पर ब्राह्मण समाज ने विरोध जताना शुरू कर दिया है।

बुधवार को नगर पालिका जशपुर की उपाध्यक्ष प्रियंवदा सिंह जूदेव से मिलकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा और उन्हें इस निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। श्रीमती जूदेव ने अधिकारियों से चर्चा कर मामले का समाधान करने का भरोसा दिया है। जशपुर शहर बाकी नदी के किनारे बसा है। यह नदी ना सिर्फ शहर की जीवन रेखा है बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी है। नदी के किनारे ही शहर के दो मुक्तिधाम है। प्रमुख मुक्तिधाम रांची रोड में नदी के किनारे हैं। अंतिम संस्कार से पूर्व बाल मुंडवाने से लेकर स्नान तक के संस्कार इसी नदी में होता है। -शेष|पेज 12



इसके अलावा प्रतिदिन इस नदी में सैकड़ों लोग स्नान के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में शहर के कालेज रोड में नाली बनवाई जा रही है। नाली का निर्माण बांकी नदी तक होता देख लोगों को आशंका है कि अब नाली के जरिए शहर की गंदगी को नदी में छोड़ दिया जाएगा। ऐसे में नाली का निर्माण का विरोध होना शुरू हो गया है। ब्राह्मण लोगों का कहना है कि यदि नाली के जरिए शहर की गंदगी नदी में मिलेगी तो अंतिम संस्कार कर्म के लिए उन्हें नदी का पानी नहीं मिल पाएगा। समाज ने पालिका उपाध्यक्ष से नाली के पानी को नदी में पहुंचने से रोकने के लिये पहल करने का अनुरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा।

नगर पालिका उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपता ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधिमंडल।

निर्माण में ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की अनदेखी

नगर सरकार द्वारा कराए जा रहे अव्यवस्थित विकास कार्य के खिलाफ लोगों की नाराजगी सामने आने लगी है। प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे बजट को खर्च करने की आपाधापी में नगर पालिका के अधिकारी आंख मूंदकर निर्माण कार्य का प्रस्ताव तैयार कर रही है। प्रस्तावों के परीक्षण के दौरान केन्द्र व प्रदेश सरकार के साथ न्यायालय व ग्रीन ट्रिब्यूनल जैसी संस्थाओं के मार्गदर्शन का ख्याल नहीं रखा जा रहा।

23 की बैठक में बातचीत से निकालेंगे रास्ता

पालिका के इस कदम पर हैरानी जताते हुए श्रीमती जूदेव ने कहा कि शहर के विकास की रूपरेखा तैयार करने के दौरान नगरवासियों की भावनाओं का ख्याल रखना आवश्यक है। शहर में कोई भी ऐसा कार्य नहीं होना चाहिए जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे 23 मई को नपा के अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल का संयुक्त बैठक आयोजित कर इस मामले पर विचार किया जाएगा।

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