लीची का उत्पादन 20% तक घटा, पर दाम डेढ़ गुना बढ़ाकर किसान 2 करोड़ ज्यादा कमाएंगे
आंधी और ओले गिरने से लीची का उत्पादन इस साल पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी घटा है, लेकिन मांग अधिक होने से यह बाजार में पिछले साल की अपेक्षा डेढ़ गुने दाम में बिक रही है। ऐसे में उद्यानिकी विभाग के सर्वे के अनुसार किसान इस साल दो करोड़ रुपए ज्यादा कमाएंगे।
जिले में लीची की पैदावार दर्जनों गांव में होती है। लीची बेल्ट के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र में तटकेला, जुजगु, रायकेरा, पीरई, फूलडीह, घुमाड़ाड, टांगरडीह, छाताबार, सरबकोम्बो, झिकी, नारायणपुर, खेमताडांड़, भड़िया, बासनतला, महादेवडांड़, बांदूपारा, बगीचा ,घटमुड़ा सहित जिले के अन्य स्थान शामिल हैं। उद्यानिकी विभाग के अनुसार इस वर्ष बार-बार आंधी आने से लीची का उत्पादन पिछले साल की अपेक्षा 20 प्रतिशत कम संभावित है। मांग अधिक होने से दाम में डेढ़ गुना तक बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान में लीची 130 से 150 रुपए किलो में बिक रही है। पिछले साल इस सीजन में इसका भाव 100 रुपए से कम था। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रांची में भी यहां के लीची की डिमांड है। वहां यहां से दुगुने भाव में इसे बेचा जाता है।
पांच सालों में लीची की खेती
का रकबा और उत्पादन
5600
क्विंटल
4752
क्विंटल
2017-18
1320 हे.
डिमांड बढ़ने से हर साल खेती का रकबा पांच साल में डेढ़ गुना बढ़ गया है लेकिन इस साल खराब मौसम के कारण उत्पादन घटा है।
33 सौ एकड़ जमीन में हो रहा उत्पादन
जिले में करीब 33 सौ एकड़ से अधिक क्षेत्र में किसान लीची का उत्पादन ले रहे हैं। इसमें इस साल करीब 8से 9 करोड़ रुपए तक का उत्पादन संभावित है। जिले में लीची के लगभग 150 से अधिक बड़े किसान हैं, जो 1 हेक्टेयर से लेकर 7 हेक्टेयर तक का बागान लगाए हुए हैं और सीजन में इन्हें 8 से 10 लाख की आमदनी होती है। उद्यान विभाग के मुताबिक लीची ट्रोपिकल और सब ट्रोपिकल रीजन में बेहतर उत्पादन होता है। इस लिहाज से लीची के उत्पादन के लिए जिले का वातावरण बेहद अनुकूल है।
5017
क्विंटल
2016-17
1220 हे.
4482
क्विंटल
2015-16
2014-15
1110 हे.
3687
क्विंटल
2013-14
996 हे.
800 हे.
पेड़ में लगी लीची को दिखाता किसान।
1 एकड़ में 20 क्विं तक की पैदावार
ग्रामीण उद्यानिकी विभाग अधिकारी हरि प्रसाद साय के अनुसार एक एकड़ जमीन में 20 क्विंटल तक लीची की पैदावार होती है। इसमें नए पेड़ से डेढ़ क्विंटल और पूर्ण रूप से विकसित पेड़ में 6 क्विंटल तक लीची के फल निकलते हैं। 1 क्विंटल फल आने पर 10 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। इसे लगाने में लागत कम और फायदा अधिक है। मांग बढ़ने से गांवों में अब हर घर में पेड़ लगाए जा रहे। गांव में लीची की पैदावार लेने वालों तीन एकड़ से लेकर 4 पौधा तक के किसान शामिल हैं।