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पीपीपी मॉडल से जिले की जैव विविधता एवं पर्यटन स्थलों को करेंगे विकसित

3 वर्ष पहले
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पीपीपी मॉडल लागू कर जिले की जैव विविधता एवं पर्यटन स्थलों को विकसित करेंगे, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्यरत संगठन एवं जशपुर वन मंडल के विभागीय अधिकारियों की एक संयुक्त सम्मेलन बगीचा विकास खंड के राज़पुरी वॉटरफॉल परिसर में शनिवार को संपन्न हुई। पर्यावरण एवं जिले की जैव विविधता के संरक्षण के लिए हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। जिले भर से आए पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों ने विचारों से जिले की जैव विविधता के संरक्षण पर मंथन कर जशपुर को इको टूरिज्म व पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करने के लिए प्रशासन का ध्यान दिलाया।

बैठक में जशपुर वन मंडल से सुरेश गुप्ता बगीचा के युवा कार्यकता अकरम जावेद, समाज सेवी अवधूत गुप्ता, रामकृष्ण आश्रम से स्वामी सुकृपानंद, स्थानीय पत्रकार, स्थानीय वन अमला, बगीचा नगर पंचायत के आम नागरिक विद्यालय के प्राचार्य शिक्षक एवं शिक्षार्थी भी शामिल हुए। उन्हांेने कहा कि जशपुर जिला कभी अपनी प्राकृतिक एवं अलौकिक सुंदरता के लिये देश भर में विख्यात था, लेकिन लगातार बदलते जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग, प्राकृतिक आपदाओं के कारण जशपुर की खूबसूरती अब धीरे-धीरे गायब होने लगी है, उसे बचाने अब सामाजिक प्रयास की ज़रूरत है, ताकि नैसर्गिक सौंदर्य एवं खोई हुई मुस्कान लौट सके। जशपुर जिले में वर्षा की बहुलता इस बात का प्रमाण रही कि कभी यहां सघन वन थे।

राजपुरी वाटर फाल परिसर में हुई बैठक में उपस्थित पर्यावरणविद व अन्य।

जानिए इस संयुक्त सम्मेलन में हुए निर्णयों को

जिले की जैव विविधता की रक्षा, दुर्लभ वन्यजीव व वनस्पतियों के संरक्षण पर फोकस।

जीवनदायिनी नदियों की रक्षा, उदगम स्थलों की सुरक्षा पर चर्चा एवं जनमानस में जागरूकता

जलवायु परिवर्तन एवं जल संकट को देखते हुए इसके संरक्षण पर चर्चा एवं जनजागरण अभियान पर जोर दिया ।

जैव विविधता के संरक्षण के लिए जिले के महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में जागरूकता अभियान

प्रमुख पर्यटन स्थलों को फोकस कर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर, पीपीपी मॉडल विकसित करने पर चर्चा।

जानिए, पर्यावरणविदों ने क्या कहा

जिले में प्राकृतिक संसाधनों की बहुलता के साथ-साथ यहां पर्यटन एवं विकास की अपार संभावनाएं हैं, यहां की जैव विविधता कई मायनों में काफी अहम है। मौसम के अनुकूल क्षेत्रों में दुर्लभ प्राय प्रजाति के प्रवासियों पक्षियों जो यूरोप, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन से यहां की खूबसूरती में सांस लेने आते हैं। यह जशपुर के लिये गौरव का विषय है, दुर्लभ प्रजाति के वनस्पतियों के जशपुर जिले भर में विख्यात है। एस पी यादव, रिसर्च स्कॉलर जशपुर

जिले का प्राकृतिक सौंदर्य बना रहे लोगों को जागरूक कर जैव विविधता की रक्षा के लिये प्रेरित करेंगे । ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखेंगे । रामप्रकाश पाण्डेय, (पर्यावरणविद जशपुर )

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