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अपने कथनों से पलटी महिला पर न्यायालय ने दिया आपराधिक मामला चलाने का आदेश
महिला फरियादी ने दुष्कर्म कराने और शादी न करने का मामला दर्ज कराया था
भास्कर संवाददाता | जतारा
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट करने तथा न्यायालय में झूठे कथन देने पर महिला तथा उसके पिता के विरूद्ध आपराधिक मामला चलाने जाने का आदेश दिया है।
अपर लोक अभियोजक रतन सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियुक्ति फरियादी ने थाना लिधौरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसमें लिखा गया कि फरियादी की शादी अभियुक्त विनोद यादव के साथ जुलाई 2014 में तय हुई थी, लेकिन अभियुक्त तथा उसके माता-पिता वर्ष 2017 तक शादी टालते रहे। इस दौरान अभियुक्त विनोद यादव अभियुक्ति के साथ शादी का लालच देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा। माता-पिता ने दहेज की मांग की और शादी से इंकार कर दिया। फरियादी के आवेदन पर लिधौरा पुलिस ने अभियुक्त विनोद यादव, लक्ष्मण प्रसाद यादव तथा श्रीमती विद्या देवी के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान फरियादी के पिता एवं अभियुक्ति निवासी ग्राम सतगुवां के कथन हुए, जिसमें दोनों साक्षियों ने झूठे बयान दिए और पक्षद्रोही हो गए। उक्त दोनों साक्षियों ने न्यायालय में कथन किए कि अभियुक्त तथा उसके परिवार वालों उनके साथ कोई दहेज की मांग नहीं की है न ही विनोद यादव ने फरियादी के साथ दुष्कर्म किया है। यह कि फरियादी अभियुक्ति ने अपने न्यायालयीन कथनों में बताया कि उसने आरोपी विनोद यादव के साथ शादी कर ली तथा उसके साथ प|ी बनकर रह रही है। अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने दोनों साक्षियों के कथनों के आधार पर अभियुक्त विनोद यादव, लक्ष्मण प्रसाद तथा श्रीमती विद्या देवी को दोष मुक्त कर दिया। न्यायालय द्वारा अभियुक्ति एवं पिता बृजलाल यादव के विरूद्ध दण्डानात्मक कार्रवाई किए जाने का आदेश पारित किया।