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सरकारी कार्यालयों में पीने का पानी भी नहीं, काम के लिए आने वालेे परेशान

3 वर्ष पहले
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जी हां, अगर आप कामकाज के लिए नगर के किसी भी सरकारी कार्यालय में जा रहे हैं, तो वहां पानी साथ में ले जाना मत भूलिए। क्योंकि गर्मी के इस मौसम में एसडीएम कार्यालय, पुलिस थाना, जनपद व बैंक जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में पहुंचने वाले लोगों के लिए संबंधित अधिकारी द्वारा पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

उधर स्वाभाविक है कि बाबूओं व कर्मचारियों के रवैये के चलते आपका काम दफ्तर पहुंचते ही नहीं होगा तथा काम कराने में दो घंटे से कम समय व्यतीत नहीं होता। ऐसे में कामकाज कराने सरकारी कार्यालय जा रहे लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते देखे जा सकते हैं। इस संबंध में भास्कर ने सोमवार को नगर के कुछ सरकारी कार्यालयों में जाकर पेयजल की स्थिति को जानने का प्रयास किया तो हालात चौंकाने वाले मिले।

नगर पंचायत के माध्यम से प्याऊ लगवाएंगे

नगर के सभी सरकारी कार्यालयों में ठंडे पानी के इंतजाम के लिए मैं आज ही सभी विभाग प्रमुख को पत्र जारी कर रहा हूं। गर्मी के सीजन में लोग पानी के लिए परेशान न हों इसके लिए मटके रखवा जाएं या वाटर कूलर की व्यवस्था की जाए। सार्वजनिक स्थानों पर भी नगर पंचायत के माध्यम प्याऊ लगवाएंगे। राजन नाडिया, एसडीएम जौरा

बिजली कार्यालय में खराब पड़ा वाटर कूलर। दूसरे चित्र में एसडीएम कार्यालय परिसर में बंद पड़ी पानी की टंकी।

बिजली कंपनी कार्यालय

बिजली कंपनी का कार्यालय नगर से दो किलोमीटर दूर स्थित है। दूरी अधिक होने के कारण इस कार्यालय में पैदल पहुंचने वाले लोगों को दफ्तर पहुंचते ही प्यास लगने लगती है। इसलिए यहां जाते ही लोग कार्यालय में लगे वाटर कूलर की तरफ रुपएख करते हैं, वाटर कूलर से ठंडा पानी निकलना तो दूर सादा पानी भी आता। जानकारी लेने पर पता चला कि इस वाटर कूलर काफी दिनों से बंद है तथा जिम्मेदार अधिकारी इस ठीक कराने में रुपएचि नहीं ले रहे। जबकि इस कार्यालय में बिजली बिल भरने एवं अन्य समस्याएं हल कराने प्रतिदिन दो सैंकड़ा से अधिक लोग पहुंचते हैं।

पुलिस थाना परिसर

गर्मी के मौसम में आमजन की सुविधा के लिए पुलिस थाना परिसर में भी वाटर कूलर नहीं लगाया गया है। पेयजल सुविधा के लिए पीएचई विभाग द्वारा पुलिस थाना भवन के पीछे लगाया गया हैंडपंप यहां जाने वाले लोगों को नजर नहीं आता है। क्योंकि हैंडपंप लगाए जाने के लिए जगह का चयन ठीक से नहीं किया गया है। जबकि पुलिस थाने में लड़ाई-झगड़ों के अतिरिक्त अनेक समस्याओं को लेकर प्रतिदिन यहां सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है।

जनपद कार्यालय

इस कार्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों की 70 पंचायतें जुड़ी हुई हैं। इसलिए यहां सरपंच-सेकटरियों के अलावा दिनभर ग्रामीणों का आना-जाना रहता है। बावजूद इस कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी का कोई इंतजाम नहीं है। पेयजल सुविधा सुविधा के लिए इस परिसर में मात्र एक हैंडपंप लगा है। लेकिन इस हैंडपंप का पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। इस हाल में यहां जाने वाले लोगों को मंहगे दामों पर पानी की पाउच व बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।

एसडीएम कार्यालय में सबसे अधिक आते हैं लोग, यहां पानी की टंकी पड़ी है सूखी

पुरानी तहसील में एसडीएम कार्यालय परिसर में सब-रजिस्ट्रार, ट्रेजरी, नजूल कार्यालय भी संचालित हैं। इन महत्वपूर्ण कार्यालयों में हर समय कामकाज के लिए आने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है। बावजूद इसके इन कार्यालयों में आने जाने वाले लोगों के लिए पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। हालात ऐसे हैं कि यहां वाटर कूलर की बात तो छोडि़ए, इस परिसर में एक मात्र लगा हैंडपंप है। जिसके चारों ओर गंदगी पसरी है। इसलिए इस हैंडपंप का पानी यहां पहुंचने वाले लोग उपयोग नहीं करते। उधर आमजन के पानी सुविधा के लिए इस परिसर में बनाई गई पानी की टंकी भी देखरेख के अभाव में कई सालों से बंद पड़ी है।

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