कहीं नहीं लगाया सार्वजनिक चार्ट
शासन की ओर से सामान्य भर्ती मरीजों व प्रसूताओं को रोजाना पौष्टिक भोजन के लिए 94 रुपए दिए जाते हैं। इसमें सप्ताह के सातों दिन डाइट चार्ट के अनुसार अलग-अलग प्रकार का भोजन देना होता है, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों को पौष्टिक खाना नहीं मिल रहा। यह चार्ट भी सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं लगाया गया।
रोजाना होती है तीन से चार प्रसूति
जिला अस्पताल में रोजाना औसत 3 से 4 प्रसूति होती है। अप्रैल में 101 प्रसूतियां हुई थीं। इनमें 5 ऑपरेशन हुए। सामान्य प्रसूति के बाद महिलाओं को औसत चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रखा जाता है। ऑपरेशन से प्रसूति होने पर 10 से 12 दिन तक वार्ड में भर्ती रखा जा रहा है। इसके बाद प्रसूता की छुट्टी कर दी जाती है।
...और इधर सिविल सर्जन बोल रहे मीनू अनुसार दिया जा रहा खाना
सिविल सर्जन डॉ. आरएस प्रभाकर से गर्भवतियों को लड्डू नहीं दिए जाने का सवाल किया तो उन्होंने सिरे से नकारते हुए कहा कि भोजन मीनू अनुसार ही दिया जा रहा है। लड्डू भी दे रहे हैं। कहीं कोई गड़बड़ नहीं है। जब भास्कर ने कहा कि हमने वार्ड की महिलाओं से चर्चा की है, अधिकतर महिलाओं का कहना है कि लड्डू नहीं मिल रहे हैं। हमनें रसोई भी जाकर देखी है तो कहने लगे-मैं पता करवाता हूं।
रसोईयन के पास सामान नहीं और स्टूअर्ट कह रहे-बंट रहे हैं लड्डू
भास्कर ने पहुंचकर लड्डू बनाने वाली रसोइयन ज्योति सिसौदिया से पूछा कि लड्डू क्यों नहीं बन रहे हैं तो उसने कहा-मुझे सामान दिया जाएगा तो बनाऊंगी। सामान ही नहीं दिया। स्टोरकर्मी अमित बारिया से पूछा कि आप सामान क्यों नहीं दे रहे हैं तो वे बोले-परसो ही तो सामान दिया था। लड्डू बन रहे हैं और बंट भी रहे हैं। रसोई के प्रभारी स्टूअर्ट सुनील कानूनगो से जब सवाल किया तो वे भी कहने लगे कि लड्डू रोजाना बंट रहे हैं। उनका जब रसोईयन ज्योति से सामना कराया तो ज्योति ने कह दिया-सामान नहीं दोगे तो कैसे बनाऊंगी। स्टूअर्ट बोले-अच्छा सामान नहीं है, दिलवाता हूं।
जननी योजना के तहत दो लड्डू देने का प्रावधान
शासन ने प्रसूताओं को जननी योजना में जारी राशि से प्रसूताओं को दो-दो लड्डू देने का प्रावधान किया है, लेकिन गुरुवार को प्रसूता वार्ड में भर्ती महिलाओं की थाली में लड्डू और सलाद नहीं थे। ड्यूटी नर्स ने मरीजों की आवश्यकता अनुसार इसे देने की बात कही। मैन्यू अनुसार लड्डू के साथ यह मिलना चाहिए -
सोमवार-गुरुवार : सुबह दूध, पोहा, उपमा या ब्रेड, दोपहर को भोजन में सलाद, रोटी, हरी सब्जी, दाल व दलिया, शाम को चाय-बिस्किट, रात को रोटी, सब्जी, दाल।
मंगलवार, शुक्रवार, रविवार : सुबह नाश्ते में दूध, टोस्ट या दलिया, दोपहर के भोजन में सलाद, दाल-चावल व सब्जी, दोपहर में चाय-बिस्किट, रात को रोटी, सब्जी व दाल।
बुधवार-शनिवार : सुबह नाश्ते में दूध-दलिया, दोपहर को भोजन में सलाद, रोटी-सब्जी, दाल व नमकीन दलिया, दोपहर में चाय-बिस्किट, रात के भोजन में हरी सब्जी व दाल।
एनआरएचएम देता है पैसा-एनआरएचएम से लड्डू के खर्च का भुगतान होता है। इसका पूर्व से बजट आवंटित नहीं होता है। गर्भवती महिलाएं जितने दिन अस्पताल में भर्ती रहती है, उतने दिनों का बिल लगाकर भुगतान होता है।