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सेल्समैन को फोन कर कहा-डकैती का सोना बेचने आए हैं दो लोग, मिलने पहुंचा तो उन्हीं ने मार डाला

3 वर्ष पहले
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ढेकलबड़ी सोसायटी के सेल्समैन सुरेंद्र अमरसिंह नायक (28) के अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा दी। डूमपाड़ा सोसायटी के सेल्समैन राहुल ने ढाई लाख की सुपारी देकर दो लोगों से सुरेंद्र की हत्या करवाई थी। राहुल सुरेंद्र का दोस्त भी था। उसका कहना है कि उसके सुरेंद्र की प|ी से अवैध संबंध थे, जिसका पता सुरेंद्र को लग गया था, यदि वह सुरेंद्र को नहीं मरवाता तो सुरेंद्र उसकी जान ले लेता। सुरेंद्र घटना की रात 17 मई को राहुल के फोन पर ही घर से बाहर निकला था। उसने सुरेंद्र को पहले से डकैती का साेना सस्ते में दिलवाने का लालच दे रखा था। 17 मई की रात फोन कर उसने सुरेंद्र से कहा कि दो लोग कालापीपल रोड पर आंबाखोदरा पुलिया पर बैठे हैं। उनसे मिल लो। सुरेंद्र जैसे ही वहां पहुंचा वैसे पुलिया पर शराब पी रहे बच्चू उर्फ बसू पिता धूमसिंह बारिया निवासी उबेरावत (28) और राकेश पिता गुला मेड़ा निवासी रेतालुंजा ने धक्का देकर गिरा दिया। बच्चू ने बड़ा सा पत्थर सुरेंद्र के सिर पर पटक दिया। राहुल को फोन कर बताया कि तुम्हारा काम हो गया है और गांव चले गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को अभी तक हत्या की साजिश में मृतक की प|ी के शामिल होने का प्रमाण नहीं मिला है।

राहुल ने दुकान पर अनाज खरीदने आने वाले बदमाश को दी थी हत्या करने की सुपारी

राहुल डूमपाड़ा में उचित मूल्य दुकान पर सेल्समैन है। उसके पास अनाज लेने के लिए आदतन बदमाश बच्चू आता रहता था। राहुल ने बच्चू से कहा कि एक व्यक्ति की हत्या करना है। हत्या के बदले उसने ढाई लाख रुपए देने की बात कही। बच्चू तैयार हो गया। राहुुल ने 15 दिन में दो बार 10-10 हजार रुपए, फिर 20 हजार और दो बार में 15-15 हजार रुपए इस तरह कुल 70 हजार रुपए बच्चू को दिए। शेष 1 लाख 80 हजार हत्या के बाद देने की बात हुई।

अवैध संबंध से दोस्ती में आई दरार, नौकरी वापस लगवाई तो हो गई थी फिर दाेस्ती

एसपी महेशचंद जैन व एसडीअोपी आरसी भाकर ने बताया साजिशकर्ता राहुल पिता रमण नायक निवासी कालिया छोटा वर्तमान में झाबुआ में ही रह रहा था। उसने बताया है कि सुरेंद्र की प|ी के साथ उसके करीब पांच वर्षों से अधिक समय से संबंध थे। राहुल ने बताया एक बार सुरेंद्र ने मुझे उसके साथ देख लिया था। हमारे बीच बातचीत बंद हो गई। बीच में सुरेंद्र को नौकरी से हटा दिया गया। मैंने उसकी पुन: नौकरी लगाने में मदद की तो फिर दोस्ती हो गई। लेकिन भय था कि सुरेंद्र मेरी हत्या करवा सकता है। इसलिए मैंने सुरेंद्र को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। मैंने सुरेंद्र से कहा कि दो लोग है जिन्होंने गुजरात में सोने की डकैती की है और वह सस्ता सोना दे रहे हैं। मैंने भी सोना खरीदा है। सुरेंद्र भी सोना खरीदने के लिए तैयार हो गया और कहा जब भी वे आए मुझे बताना।

ये हैं हत्या के आरोपी राहुल, बच्चू और राकेश

परिजन के साथ ही करता रहा सुरेंद्र को तलाशने की नौटंकी, मोबाइल से पकड़ाया

किसी को शक ना हो इसलिए राहुल 17 मई की पूरी रात सुरेंद्र के परिजन के साथ सुरेंद्र को तलाशने की नौटंकी करता रहा। पुलिस को जब उस पर शंका हुई तो उससे पूछा कि सुरेंद्र के गायब होने की जानकारी उसे कैसे मिली। उसने कहा-सुरेंद्र की प|ी ने फोन कर बताया। पुलिस ने इनकमिंग कॉल देखने के लिए मोबाइल लिया। उसमें कॉल नहीं था। एक और मोबाइल था। वह दिखाने के लिए कहा तो हैंग होने की ढोंग करने लगा। पुलिस ने हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो जुर्म कबूल लिया।

चाेर हैं सुपारी लेने वाले : आरोपी बच्चू और राकेश चोर हैं। राकेश पर झाबुआ में नकबजनी का मामला दर्ज है। 4-5 लाख की नकबजनी की थी। इसके अतिरिक्त दो-तीन महीने पूर्व दाहोद जिले की डकैती में भी फरार चल रहा है। बच्चू भी बाइक चोरी में फरार वारंटी है।

गरीबों के अनाज की कालाबाजारी भी उजागर हुई

मामले से उचित मूल्य दुकानों पर आने वाले गरीबों के अनाज की कालाबाजारी भी उजागर की है। मृतक सुरेंद्र की तनख्वाह 13 हजार रुपए थी। वह ढाई लाख रुपए का सस्ता सोना खरीदना चाहता था तो हत्यारे सेल्समैन राहुल का वेतन साढ़े 4 हजार रु. था। उसने ढाई लाख की सुपारी दे दी। 80 हजार नकद दे भी दिए। जब हत्या की साजिश करने राहुल से सवाल किया गया कि वह यह रुपए कहां से लाया तो उसने कहा-जो अनाज बचता है, वह बेच कर। उसने बताया दुकान पर जो अनाज या राशन बच जाता है उसे बेचकर रुपए आते थे। बचा हुआ अनाज वह 300 रु. प्रति क्विंटल गांव में ही या किसी अन्य लोगों को बेच देता था।

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