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10 साल का हुआ आलीराजपुर िजला; सौगात के रूप में मिले हैं अब तक औद्योगिक क्षेत्र, साइंस पार्क और नया कलेक्टोरेट भवन

3 वर्ष पहले
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उद्योग : सेजावाड़ा में 8 हेक्टेयर क्षेत्र का काम नंवबर में होगा पूरा

औद्योगिक विकास के मामले में जिला बनने के बाद उद्योग स्थापित करने के लिए 10 साल बाद पहल हुई। शासन की नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकास नीति के तहत एमएसएमई पॉलिसी 2017 के तहत इस साल सेजावाड़ा में 4 करोड़ रुपए की लागत से 8 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमिपूजन किया गया। जिसका काम नवंबर 2018 तक पूरा हो जाएगा। जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र महाप्रबंधक एसएस मंडलोई ने बताया कि इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद नगर के भूरियाकुआ में 6 करोड़ रुपए की लागत से 15 हेक्टेयर, जोबट के उमरी में 20 हेक्टेयर और आलीराजपुर के राजावाट में 15 हेक्टयेर क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर : सरकारी भवन, आईटीआई, नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर, जिम के साथ कॉलेज ऑडिटोरियम व कृषि विज्ञान केंद्र

स्थानीय कॉलेज के सामने जिले का नया कंपोजिट कलेक्टोरेट भवन निर्माणाधीन है, जिसका काम अंतिम चरण में है। संभवत जून अंत तक काम पूरा हो जाएगा। पॉलिटेक्निक कॉलेज का काम अंतिम चरण में है। रामसिंह की चौकी में हाउसिंग बोर्ड द्वारा कॉलोनी और डाइट में साइंस पार्क विकसित किया जा रहा है। पिछले 10 साल में जिला मुख्यालय पर ट्रामा सेंटर, आरटीओ भवन, जिला पंचायत कार्यालय भवन, जिला शिक्षा कार्यालय भवन, सहायक आयुक्त कार्यालय भवन, एसपी कार्यालय, 120 से अधिक पुलिस क्वाटर्स, नए कलेक्टोरेट के पीछे कर्मचारियों के लिए आवास, कॉलेज ऑडिटोरियम, आईटीआई, नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर, सीएएमएचओ कार्यालय, जिम, कृषि विज्ञान केंद्र आदि शुरु हो चुके है।

बनवाया : नगरीय क्षेत्र मे नपा ने पेयजल सप्लाई, सड़कें व कॉम्पलेक्स

जिला मुख्यालय पर नगर क्षेत्र में करीब 19 करोड़ की लागत से शहीद चंद्रशेखर आजाद परियोजना (फाटा) से 30 किमी लंबी पाइप लाइन के माध्यम से नगर में पेयजल सप्लाई। करीब 9 करोड़ की लागत से शहर में उत्कृष्ट सड़क का निर्माण। बस स्टैंड पर नए कॉम्पलेक्स का निर्माण, शहर में सीसी सड़कें आदि बनाई गई।

नया कलेक्ट्रेट और रेलवे स्टेशन बन रहा है

उद्योग : सेजावाड़ा में 8 हेक्टेयर क्षेत्र का काम नंवबर में होगा पूरा

औद्योगिक विकास के मामले में जिला बनने के बाद उद्योग स्थापित करने के लिए 10 साल बाद पहल हुई। शासन की नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकास नीति के तहत एमएसएमई पॉलिसी 2017 के तहत इस साल सेजावाड़ा में 4 करोड़ रुपए की लागत से 8 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमिपूजन किया गया। जिसका काम नवंबर 2018 तक पूरा हो जाएगा। जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र महाप्रबंधक एसएस मंडलोई ने बताया कि इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद नगर के भूरियाकुआ में 6 करोड़ रुपए की लागत से 15 हेक्टेयर, जोबट के उमरी में 20 हेक्टेयर और आलीराजपुर के राजावाट में 15 हेक्टयेर क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर : सरकारी भवन, आईटीआई, नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर, जिम के साथ कॉलेज ऑडिटोरियम व कृषि विज्ञान केंद्र

स्थानीय कॉलेज के सामने जिले का नया कंपोजिट कलेक्टोरेट भवन निर्माणाधीन है, जिसका काम अंतिम चरण में है। संभवत जून अंत तक काम पूरा हो जाएगा। पॉलिटेक्निक कॉलेज का काम अंतिम चरण में है। रामसिंह की चौकी में हाउसिंग बोर्ड द्वारा कॉलोनी और डाइट में साइंस पार्क विकसित किया जा रहा है। पिछले 10 साल में जिला मुख्यालय पर ट्रामा सेंटर, आरटीओ भवन, जिला पंचायत कार्यालय भवन, जिला शिक्षा कार्यालय भवन, सहायक आयुक्त कार्यालय भवन, एसपी कार्यालय, 120 से अधिक पुलिस क्वाटर्स, नए कलेक्टोरेट के पीछे कर्मचारियों के लिए आवास, कॉलेज ऑडिटोरियम, आईटीआई, नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर, सीएएमएचओ कार्यालय, जिम, कृषि विज्ञान केंद्र आदि शुरु हो चुके है।

इनकी जरूरत

सड़क : कई मार्गों के टेंडर हुए लेकिन हो चुके हैं निरस्त

आलीराजपुर मथवाड़, आम्बुआ सेजावाड़ा, बरझर कठ्ठीवाड़ा, सोंडवा, फुलमाल, उदयगढ़, कानाकाकड़, जोबट-खट्टाली-नानपुर आदि मार्गों की सड़कें लंबे समय से नहीं बनाई है। जिसे लेकर विधायक नागरसिंह चौहान और माधौसिंह डावर कई बार जियोस की बैठकों में अपनी पीड़ा जाहिर कर चुके हैं। पर इस साल भी सड़कें बनने की उम्मीद नजर नहीं है। कई बार इनमें से कई सड़कों के टेंडर निरस्त हो चुके हैं। हालांकि विधायक चौहान ने बताया कि सीएम ने 21 सड़कों को स्वीकृति दी है और अगले एक डेढ़ साल में जिले में सड़कें बन जाएंगी। वहीं लोनिवि ईई केएस उइके ने बताया पिछले महीने 230 लाख रु. की लागत से करीब 24 किमी लंबे आम्बुआ सेजावाड़ा मार्ग के नवीनीकरण के लिए टेंडर स्वीकृत हुआ है। लेकिन आलीराजपुर मथवाड़ 42 किमी लंबे मार्ग के नवीनीकरण के लिए किसी ने भी टेंडर नहीं डाला।

अभी प्रगति पर : सिंचाई के लिए उद्वहन परियोजना और छोटा उदयपुर धार रेल लाइन

जिले में कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए 2280 करोड़ की लागत वाली नर्मदा उद्वहन परियोजना का काम शुरु हो चुका है। जिससे करीब 35 हजार से अधिक हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा छोटा उदयपुर धार रेल लाइन का काम आलीराजपुर तक 48 किमी दूरी में अंतिम चरण में है। संभवत इस साल के अंत तक छोटा उदयपुर से आलीराजपुर तक रेल का संचालन शुरु हो जाएगा। इसके अलावा खेल स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।

सड़कें अभी भी बदहाल हैं, लड़कियों के लिए कॉलेज नहीं

शिक्षा : कन्या व कृषि महाविद्यालय के साथ केंद्रीय विद्यालय नहीं है

आलीराजपुर में उच्च शिक्षा के लिए अभी तक कन्या और कृषि महाविद्यालय की कोई सुगबुगाहट नहीं है, वहीं केंद्रीय विद्यालय के लिए जिला बनाए जाने के बाद से ही पत्राचार चल रहा है। देअविवि का क्षेत्रीय केंद्र खोलने की घोषणा जरूर हुई थी लेकिन बाद में वह भी हवाई निकली। हालांकि चंद्रशेखर आजाद नगर और सोंडवा में महाविद्यालय शुरु किए गए। जिनके भवन की निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है। इसके अलावा स्कूली शिक्षा में प्राचार्य, व्याख्याता, विषय विशेषज्ञ, प्रधान अध्यापक और शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली है। जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।

कर्मचारी : प्रशासनिक कसावट नहीं, कई पद प्रभारी अधिकारियों के भरोसे

जिले में प्रशासनिक कसावट नहीं है। अधिकारी-कर्मचारी अपनी मनमानी से काम कर रहे हैं। जिले के कई महत्वपूर्ण पद जैसे सहायक आयुक्त, डीपीसी, सीएमएचओ, बीईओ, बीआरसी आदि प्रभारी अधिकारियों के भरोसे हैं।

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