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कभी गले में फंदा डाल सेल्फी खींचकर वाट्सएप करता तो कभी सुसाइड नोट भेजकर ब्लैकमेल करने का प्रयास

3 वर्ष पहले
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युवती की शिकायत के बाद इंदौर के एरोड्रम थाने पर प्रकरण दर्ज, पूर्व में झाबुआ पीजी कॉलेज में पदस्थ था प्रोफेसर डॉ. किरण कुमार साधव

दो बच्चों का पिता है प्रोफेसर साधव

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

झाबुआ निवासी और वर्तमान में इंदौर के केशवनगर में रह रही एक युवती को करीब 34 माह से परेशान कर रहे बॉटनी के प्रोफेसर डॉ. किरण कुमार साधव (46) के खिलाफ इंदौर के एरोड्रम थाने में धारा 354 डी व 506 में प्रकरण दर्ज हुआ है।

प्रोफेसर पूर्व में शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज में पदस्थ था और वर्तमान में देवास के तुकोजीराव पवार शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में कार्यरत है। युवती के मुताबिक वह अपने परिवार के साथ झाबुआ की गोपाल कॉलोनी में रहती थी। चूंकि प्रोफेसर डॉ. साधव भी पूर्व में झाबुआ में रहे तो इस दौरान उनका युवती के घर आना-जाना था। ऐसे में प्रोफेसर ने डॉ. साधव ने कई बार युवती को दोस्ती के लिए निवेदन किया। मना करने के बावजूद प्रोफेसर डॉ. साधव ने पीछा नहीं छोड़ा। विवाहित होने और दो बच्चे होने के बावजूद वह युवती को यह कहता रहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूं और शादी करना चाहता हूं। दो महीने पहले युवती झाबुआ से इंदौर शिफ्ट हो गई। उसके बार-बार मना करने के बावजूद भी प्रोफेसर ने उसे तंग करना बंद नहीं किया तो युवती ने प्रमाण के साथ एरोड्रम थाने पर प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।

खुद के गले में फंदा डालकर सेल्फी ली और युवती को वाट्सएप कर दी

दिसंबर-17 में युवती की सगाई हो गई। जब इसकी जानकारी प्रोफेसर डॉ. साधव को लगी तो उसकी हरकत और बढ़ गई। प्रोफेसर युवती को ब्लैकमेल करने लगा। उसने कहा मैं तुझे बदनाम कर दूंगा और जिस लड़के से तेरी सगाई हुई है उसे सबकुछ बता दूंगा। धमकी भी दी कि यदि मुझसे शादी नहीं की तो तुझे व तेरे परिवार को जान से मार दूंगा। यही नहीं, प्रोफेसर ने एक बार तो खुद के गले में फंदा डालकर सेल्फी ली और युवती को वाट्सएप कर दी ताकि वह डरकर उसकी बात मान लें। इसके अलावा युवती को ब्लैकमेल करने के लिए एक झूठा सुसाइड नोट भी लिखकर वाट्सएप किया। युवती ने अपनी शिकायत के साथ ये सब दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। युवती ने शिकायत में कहा है कि मैं प्रोफेसर की हरकतों से बहुत तंग हो गई हूं। मैंने समझाने का बहुत प्रयास किया पर सुन ही नहीं रहा। प्रोफेसर की वजह से मेरा मानसिक संतान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जल्द से जल्द प्रोफेसर पर कार्रवाई होना चाहिए।

फर्जी सुसाइड नोट में लिखा चूहे मारने की दवाई पी ली

प्रोफेसर डॉ. साधव ने युवती को ब्लैकमेल करने के लिए जो फर्जी सुसाइड नोट व्हाट्सएप किया। उसमें लिखा कि मैं अपनी मर्जी से चूहे मारने की दवाई और फिनाइल पीकर आत्महत्या कर रहा हूं। मैं जीवन से निराश होकर यह कदम उठा रहा हूं। इसके लिए कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार नहीं है। इसलिए मेरे देहावसान के बाद मेरे परिवार या मुझसे संबंधित किसी भी व्यक्ति को कोई भी पुलिस या प्रशासन या न्यायालय परेशा न करें। अन्यथा मेरी आत्मा को तकलीफ होगी। इस पत्र की एक कॉपी मैं उन्हें भी भेज रहा हूं जिन्हें परेशान किया जा सकता है।

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