अनूठे शुभ संयोग में नगर भ्रमण पर निकले शनिदेव
मंगलवार को को सर्वार्थ सिद्धि और शोभन योग के शुभ संयोग में में शनि जयंती मनाई गई। स्थानीय शनि मंदिर पर सुबह से शाम तक दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। शनि कृपा के लिए भक्तों ने जप-तप कर तेल चढ़ाया और शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान किया।
शनि जयंती पर श्री पदमवंशीय मेवाड़ा राठौर तेली समाज द्वारा भगवान शनिदेव का जन्मोत्सव भी मनाया। श्री विश्व मंगल नवग्रह शनि मंदिर पर भगवान शनिदेव का मंत्रोच्चार के साथ महा अभिषेक किया गया। पं. विश्वनाथ शुक्ल ने भगवान शनिदेव की महापूजा और अभिषेक अनुष्ठान संपन्न कराया। इसके बाद मंदिर से प्रातः 8 बजे भगवान शनि नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा में शनिदेव एक बग्घी में विराजित थे। बैंडबाजों के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। जयकारों के साथ शनिदेव ने पूरे नगर में भ्रमण किया। यात्रा थांदला गेट से लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए राजवाड़ा चौक पहुंची। जहां महिलाओं ने गरबा नृत्य किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा भी की गई। इसके बाद नेहरू मार्ग, आजाद चौक, बाबेल चौराहा, थांदला गेट से होते हुए यात्रा पुन: मंदिर पहुंची। जहां महामंगल आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए गए। आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुजनों ने भाग लिया। इस दौरान भगवान शनिदेव को नमन कर तेल, काली उड़द आदि से उनका अभिषेक किया। आरती के बाद सभी को प्रसादी का वितरण किया गया।
नगर में हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा में महिलाओं ने किया नृत्य, जिले में अन्य जगह भी हुए आयोजन
शनि मंदिर से निकली शोभायात्रा में शामिल महिला और युवतियों ने विभिन्न स्थानों पर गरबा नृत्य भी किया।
महाशनिश्चर हवन हुआ
दोपहर में मंदिर परिसर में महाशनिश्चर हवन का आयोजन किया गया। जिसमे मंत्रोच्चार के साथ भक्तों ने आहुतियां डाली। पूर्णाहुति के बाद महा आरती की गई। शाम को मंदिर परिसर में आयोजन समिति द्वारा सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर में मनाए जा रहे शनि महोत्सव के तहत सोमवार रात शनि मंदिर पर बजरंगबाण रामायण मंडल द्वारा सुंदरकांड की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। जिसमें भक्तों ने पहुंचकर धर्मलाभ लिया। इसके अलावा जिले में अन्य जगह भी शनि जयंती के उपलक्ष्य में मंदिरों में विभिन्न आयोजन हुए। सुबह से ही शनि मंदिरों में भीड़ लगी रही है।