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कलेक्टर बोले-हर फलिए में हैंडपंप का खनन संभव नहीं, ग्रामीण बोले-कुएं की स्वीकृति दो
पानी की समस्याओं को लेकर दो गांवों के लोग पहुंचे कलेक्टोरेट
भास्कर संवाददाता | झाबुआ
गिरते जल स्तर से गांवों में हैंडपंप बंद हो गए हैं। जनसुनवाई में भी दो गांवों के लोग पहुंचे और कलेक्टर से हैंडपंप खनन की मांग की। इस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को हैंडपंप की बजाए कुआ खुदवाने की सलाह दी।
ग्रामीणाें ने भी कहा आप स्वीकृत करा दो तो कुआं भी खुदवा लेंगे। कलेक्टर आशीष सक्सेना का कहना था जल स्तर गिरने से हैंडपंप बंद हो गए हैं। नया खनन करवा भी दिया तो पानी आएगा कि नहीं इसकी गारंटी नहीं है। इसलिए गांव में कुआं खुदवाया जाए ताकि इसमें भरपूर पानी आ सके। इससे सभी फलिए के लोग पानी ले सकेंगे। साथ ही गांव के लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा। कलेक्टर सक्सेना ने बताया एक फलिए में 5 परिवार रहते हैं, ऐसे में हर फलिए में खनन कराना मुमकिन भी नहीं हो पाता। इसलिए निर्मल नीर योजना के तहत कुआं खुदवाने की प्रक्रिया की जाएगी।
जनसुनवाई में इन्होंने भी बताई समस्या
कालू पिता नाथा वसुनिया निवास पीठडी (पेटलावद) ने स्वत्व के आधिपत्य की निजी कृषि भूमि का सीमांकन करवाकर भूमि पर कब्जा दिलवाने की मांग की। सोमा पिता चेनिया खपेड निवासी मेघनगर ने काबिज आवासीय भूमि का पट्टा दिलाने के लिए आवेदन दिया। अभय पिता शबु निवासी मांडली तहसील राणापुर ने वर्ष 2013-14 में मांडली लालजी एवं ग्राम खेडा के भगत फलिया में शौचालय निर्माण कार्य की मजदूरी का भुगतान करवाने की मांग कलेक्टर से की। ग्राम तांदलादरा तहसील मेघनगर के ग्रामीणों ने रोजगार गारंटी योजना में मेढ बंधान कार्य स्वीकृत करवाने के लिए आवेदन दिया।