वन-धन योजना : वनोपज की ब्रॉडिंग ई-कॉमर्स के जरिए की जाएगी
एग्रो भास्कर | खंडवा
मध्यप्रदेश के आदिवासियों को वन-धन योजना में संग्राहक से व्यापारी बनाया जाएगा। बड़वानी, मंडला, विदिशा, गुना, रायसेन, झाबुआ सहित आदिवासी बाहुल्य 13 जिलों में खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश और केंद्र सरकार के बीच एमओयू साइन हो चुका है। वनोपज की ब्रॉडिंग ई-कॉमर्स के जरिए की जाएगी। भारतीय महिला मुक्केबाज मैरीकॉम को ब्रांड एंबेसेडर बनाया जा रहा है। भारतीय जनजातीय विपणन विकास संघ (टायफेड) के प्रबंध संचालक प्रवीर कृष्णा का कहना है वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इसके लिए पांच-पांच लाख रुपए की लागत से 200 हाट बाजार क्रय केंद्र और 12 करोड़ रुपए की लागत से 50 कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। नोडल एजेंसी लघु वनोपज संघ को बनाया जाएगा। वनोपज की रेट लिस्ट ग्राम सभाओं में भी चस्पा की जाएगी। जुलाई तक 15 खरीदी केंद्र शुरू कर दिए जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन पर होने वाले खर्च का 75 फीसदी पैसा केंद्र और 25 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी।
स्व-सहायता समूह बनाए जाएंगे
चयनित 13 जिलों की ग्राम पंचायत में 300 संग्राहकों को 30-30 लोगों में बांटकर स्व सहायता समूह बनाए जाएंगे। एक समूह में 60 फीसदी आदिवासी और 40 फीसदी गैर आदिवासी संग्राहक शामिल हो सकेंगे।