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15 तक न ओडीएफ होगा जिला न यूनिफॉर्म बंटेगी, अधूरा रहेगा कॉलोनी नियमितिकरण

3 वर्ष पहले
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सरकार ने अलग-अलग तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए 15 अगस्त की शुरुआती समयावधि तय की थी। जिले में इनमें से एक भी समयसीमा में पूरी नहीं होगी। बात हो रही है-जिले को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित करने, सरकारी स्कूलों में बच्चों को यूनिफॉर्म बांटने और अवैध कॉलोनी को नियमित घोषित करने की। इन तीनों ही योजनाओं के लिए सरकार या विभाग के वरिष्ठ अफसरों ने प्रारंभिक समयावधि 15 अगस्त तय की थी लेकिन तीनों में से किसी योजना का काम इस तारीख तक पूरा होने की स्थिति में नहीं है। धीमे काम के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात की जाए तो केवल शौचालय निर्माण को लेकर नोटिस जारी हुए हैं। ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। केवल समयसीमा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

500 शौचालय रोज बन रहे हैं। ओडीएफ का लक्ष्य 31 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। शासन ने स्व सहायता समूहों को चुना है तो वे सक्षम ही हैं। यूनिफॉर्म समयसीमा में दी जाएंगी। अवैध कॉलोनियों के मामले में कानूनी अड़चनें हैं। इन्हीं के कारण नियमितिकरण किया जाना संभव नहीं है। जिन कॉलोनियों में अड़चनें नहीं हैं, वे 15 अगस्त तक नियमित घोषित की जाएंगी। आशीष सक्सेना, कलेक्टर झाबुआ

डायवर्शन नहीं होने से 20 कॉलोनियां अधर में, मोजीपाड़ा में आकार लेने लगी अवैध कॉलोनी

प्रदेशभर में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए 15 अगस्त की समयावधि रखी गई थी। इसके तहत झाबुअा शहर की भी 29 कॉलोनियां दायरे में आ रही थी। इसके लिए पिछले चार महीने के प्रक्रिया चल रही है लेकिन 15 अगस्त तक इन 29 में से 9 कॉलोनी ही नियमित घोषित होने की स्थिति है। कलेक्टर इन 9 कॉलोनियों के ही नियमितिकरण की उद्घोषणा करेंगे। 20 कॉलोनियां 15 अगस्त तक नियमित नहीं हो पाएगी। दरअसल इन कॉलोनियां में डायवर्शन शेष है। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से कॉलोनाइजर और संबंधितों को सूचना दी गई है। डायवर्शन नहीं हो पाने से 15 अगस्त तक इन 20 कॉलोनियों का नियमितिकरण नहीं हो पाएगा।

15 दिन में बने 10 हजार शौचालय पर अब मुसीबत

इंदौर संभागायुक्त ने कलेक्टर 31 अगस्त तक जिला ओडीएफ करने का लक्ष्य कलेक्टर आशीष सक्सेना को दिया था। इस पर कलेक्टर ने जिले के अमले को पहले 31 जुलाई और फिर 15 अगस्त तक शौचालय बनाने का टारगेट दिया था। सप्ताह में दो से तीन दिन कलेक्टर व जिपं सीईओ जमुना भिड़े मॉर्निंग फॉलोअप कर गांवों में शौचालय निर्माण की प्रगति दे रहे हैं। सरपंच-सचिवों को भी नोटिस दिए हैं। इससे 15 दिन में 10 हजार शौचालय बने भी हैं लेकिन अब रफ्तार धीमी पड़ गई है। एक-एक हितग्राही को पकड़ना पड़ रहा है। जबकि 9000 शौचालय बनने शेष हैं। 15 अगस्त तक ये नहीं बन पाएंगे।

15 अगस्त तक बनना शुरू नहीं हो पाएंगी यूनिफॉर्म

सरकार की ओर से प्रारंभिक घोषणा में 15 अगस्त तक सरकारी स्कूलों को यूनिफॉर्म देने की बात कही गई थी लेकिन बाद में समयावधि 30 सितंबर कर दी गई है। जिले में पहली से आठवीं तक के करीब 3.90 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दी जाना है। इस बार स्व सहायता समूहों की महिलाओं से सिलवा कर यूनिफॉर्म दी जाना है। इसके लिए जिले के खाते में 600 रुपए प्रति छात्र के मान से राशि आ चुकी है। यह राशि समूहों के खातों में डालना शेष है। जिले में महिलाओं के करीब साढ़े नौ हजार स्व सहायता समूह हैं। इनमें करीब 1300 महिलाएं ही सिलाई करना जानती हैं। इन्हें समूह यूनिफॉर्म बनाने का काम देगा लेकिन 15 अगस्त तक तो यूनिफॉर्म बनना शुरू भी नहीं होगी।

झाबुआ. मोजीपाड़ा में भी अवैध कॉलोनी आकार ले रही है। इस ओर जिम्मेदारों का ध्यान ही नहीं है।

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