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खेल मैदान नहीं, ये हैं शहर का बहादुर सागर तालाब जहां अप्रैल में ही सूख गया पानी
1766 में राजा बहादुरसिंह ने कराया था निर्माण
झाबुआ | जी हां, चौकिए मत। ये खेल मैदान नहीं, बल्कि हमारे शहर का बहादुर सागर तालाब है। मानसून सत्र में टुकड़ों-टुकड़ों में हुई बारिश के चलते इस बार तालाब में पर्याप्त पानी जमा नहीं हुआ। अप्रैल आते-आते तो किनारे से पानी पूरी तरह सूख गया और तालाब का एक बड़ा हिस्सा मैदान में तब्दील हो गया। ऐसे में खिलाड़ियों ने तालाब में ही पिच बनाकर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है।
आसपास का पूरा इलाका होता है रिचार्ज : बहादुर सागर तालाब से आसपास का पूरा इलाका रिचार्ज होता है। इसमें कॉलेज मार्ग, भोज मार्ग, कमला नेहरू मार्ग, गायत्री गली आदि क्षेत्र शामिल है।
68.7 बीघा तालाब का कैचमेंट एरिया
10.878 एकड़ में फैला है तालाब
गहरीकरण के लिए नगरपालिका चलाएगी मुहिम
नपा अध्यक्ष मन्नू डोडियार ने बताया बहादुर सागर तालाब के जिस हिस्से में किनारे से पानी सूख गया है वहां जलाभिषेक अभियान के तहत गहरीकरण के लिए मुहिम चलाई जाएगी। इसमें जनता, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी तय करेंगे। गहरीकरण के दौरान जो मिट्टी निकलेगी उसे ग्रामीण अपने खेत के लिए ले जा सकेंगे।
250 घरों का गंदा पानी मिलता है तालाब में
शहर के सौंदर्य का प्रतीक है यह तालाब। आसपास के करीब 250 घरों का गंदा पानी तालाब में मिलता है। नगरपालिका ने तालाब में बोटिंग की शुरुआत भी की थी, पर यह फंडा ज्यादा दिन नहीं चला।
2.05 लाख क्यूबिक मीटर है क्षमता
सौंदर्यीकरण की योजना अधर में
झील एवं जलाशय संरक्षण योजना के तहत बहादुर सागर तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना को स्वीकृत हुए लंबा समय बीत गया लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। तालाब के सौंदर्यीकरण पर 334.18 लाख रुपए खर्च होना है।
5.50 मीटर अधिकतम गहराई
तालाब का हिस्सा सूख जाने से बच्चों ने पिच बनाकर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है।