कहा-प्रदेश में 108 मंडियां और हैं, कहीं कोई दिक्कत नहीं, मंडी को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है
भास्कर न्यूज | झज्जर
खरीदे हुए गेहूं का भुगतान न होने की शिकायत लेकर संवाद भवन के बाहर कृषि मंत्री से मिले आढ़तियों को मंत्री की फटकार का सामना करना पड़ा। आढ़तियों की गुहार थी कि उनको उठान से पहले खरीदे हुए गेहूं का भुगतान करा दिया जाए। इस पर मंत्री की नजर वहां मौजूद आढ़तियों पर गई। इसके बाद मंत्री ने फटकारते हुए आढ़तियों को उलाहणा देना शुरू किया। कहा कि प्रदेश में 108 मंडियां और हैं। कहीं किसी प्रकार की समस्या नहीं है। मंडी को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। क्या-क्या नहीं किया, आप लोगों का। बाजरा आया, तब बाजरे की खरीद सबसे अधिक कराई। कभी होती नहीं थी। सरसों की खरीद शुरू हुई तो सरसों की खरीद कराई। गेहूं की खरीद बंद हो गई थी तो उसका दाना-दाना खरीद करा दिया गया है। अब समझ नहीं आ रहा है, क्या चाहते हो। मंडी में धरने दिलाए जा रहे हैं। पहले भी कांग्रेसियों को मंडी में ला दिया है। फिर इनेलो को। अब बगैर गेहूं उठान के भुगतान को लेकर मांग उठा दी है। इतना कहकर वे अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गए। इस स्थिति को देखकर आढ़ती ही नहीं आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।
आठ करोड़ का रहता
है भुगतान
आढ़ती बलजीत सूरा, संदीप, बलदेव अहलावत, जसबीर, आनंद, मार्केट कमेटी झज्जर के वाइस चेयरमैन के पुत्र फौजी भी मौजूद रहे। बाद में जसबीर ने बताया कि मंत्री से मिलने वालों में कई प्रकार के लोग थे। इनकी मांग थी कि गेहूं के भुगतान के लिए मंत्री से मिला जाए। मंडी का करीब आठ करोड़ का बकाया है। वहीं, फौजी का कहना था कि वे शिकायत लेकर मंत्री के पास नहीं गए थे। वे तो उनके कार्यक्रम में आमतौर पर पहुंच जाते हैं, इस बीच कुछ आढ़तियों ने अपनी बात मंत्री के समक्ष कर दी।
मंत्री के कहने पर की 5 करोड़ की एडवांस पेमेंट : हैफेड
हैफेड के डीएम सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि हैफेड की ओर से लगातार भुगतान किया जा रहा है। लिफ्टिंग का काम अभी पूरा नहीं है। इसके बावजूद मंत्री के कहने पर आई फार्म के तहत 5 करोड़ की पेमेंट की है। जो शेष भुगतान है उसको भी दो दिन के बाद जारी कर दिया जाएगा। अभी उठान का काम जारी है। आखिर में जो गेहूं बेचा है। उसकी गुणवत्ता का भी ख्याल रखना होता है।