डीसी सोनल गोयल ने सोमवार को खंड साल्हावास के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साल्हावास स्थित एशिया के दूसरे सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू पंप हाउस, तहसील कार्यालय, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय और सौर उर्जा चालित सिंचाई पंप सेट योजना की जांच की। साथ ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति प्रशासन की प्राथमिकता है। इस पर अधिकारी और कर्मचारी विशेष तौर पर ध्यान दें। जेएलएन पंप हाउस झज्जर ही नहीं, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम और चरखी दादरी की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्त्रोत है। डीसी ने सिंचाई विभाग और साल्हावास पंप हाउस के अधिकारियों को जेएलएन पंप हाउस की वाटर पंपिंग की क्षमता को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए। पंप हाउस के कार्यकारी अभियंता राकेश ने बताया कि पंप हाउस अपनी क्षमता के अनुसार कार्य कर रहा है। साल्हावास पंप हाउस से रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के अंतिम छोर पर लगभग 400 फीट की ऊंचाई तक पेयजल की आपूर्ति करता है।
डीसी ने जेएलएन पंप हाउस की कार्य क्षमता की ली जानकारी, बीडीपीओ व तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को जांचा
झज्जर. पंप हाउस का निरीक्षण करती डीसी व अन्य अिधकारी।
सभी कार्य पारदर्शिता और निर्धारित समय पर हों
डीसी गोयल ने साल्हावास तहसील के निरीक्षण में राजस्व रिकाॅर्ड की जांच करते हुए तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में पूछताछ की। डीसी ने कहा कि तहसील कार्यालय में सभी कार्य पूरी पारदर्शिता और निर्धारित समय में होने चाहिए। उन्होंने कार्य कर रहे कर्मचारियों से स्वयं उनके कार्य के बारे में पूछताछ की। इस अवसर पर डीडीपीओ विशाल आिद अधिकारी उपस्थित रहे।