चुनाव की आहट से पहले कृषि मंत्री ने अब विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में विकास की योजना बनाई है, लेकिन ग्रामीणों के रुझान कम रहा। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सोमवार को जिला विकास सदन में दीनबंधु ग्रामोदय योजना के तहत गढ़ी सांपला किलोई, कलानौर व महम हलके के चयनित 14 गांवों के लोगों को गांव के विकास की योजना बनाने के लिए बुलाया, लेकिन अधिकतर गांवों से 6 से ज्यादा लोग नहीं आए। सिर्फ 3 गांवों की सुनवाई की गई।
सभा में कम हाजिरी देख नाराज हुए कृषि मंत्री ने एक घंटे में सभा को बर्खास्त कर दिया और बोेले- हम थारे लिए 6 करोड़ रुपए बांट रहे हैं और थम 6 लोग भी नहीं आते। कृषि मंत्री ने 28 मई को सुबह 11 बजे दोबारा से बुलाने का फैसला लिया है। कृषि मंत्री की सभा में अधिकारियों की हाजिरी भी काफी कम थी। ग्रामीणों ने समस्या बतानी शुरू की तो मौके पर अधिकारी ही नहीं मिले।
झज्जर में कम लोग आए तो 5 गांवों की समस्या नहीं सुनी : जिला मुख्यालय के संवाद भवन में कृषिमंत्री को समस्याएं सुनाने आईं 5 गांव की पंचायत को सोमवार को मायूस लौटना पड़ा। 16 ग्राम पंचायतों के साथ कृषिमंत्री की मीटिंग में इन गांवों से 5-6 की संख्या में ही ग्रामीण आए थे। मंत्री ने कम लोगों के पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने यह कहते हुए मीटिंग स्थगित कर दी कि अगली बार गांव से ट्रॉली भरकर लेकर आना। तब समस्या सुनेंगे। मंत्री ने गांव बहू, मातनहेल, खानपुर खुर्द, ग्वालीसन और बिरोहड़ की समस्या नहीं सुनी।
रोहतक | जिला विकास भवन में सरंपचों की बैठक लेते कृषि मंत्री धनखड़।
यह है दीनबंधु ग्रामोदय योजना
सरकार ने दीनबंधु ग्रामोदय योजना के तहत प्रदेश के 1200 बड़े गांवों में विकास कार्य करवाने के लिए लोगों से ही सहमति मांगी जा रही है। इसके तहत पांच हजार से कम आबादी वाले गांवों में एक करोड़ और ऊपर की आबादी वाले गांवों में 6 करोड़ रुपए की राशि बुनियादी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। इस वर्ष ग्रामोदय योजना के तहत 400 गांवों को शामिल किया है। रोहतक के 14 गांव चयनित किए हैं। इसके अलावा स्कूल, चौपाल आदि में शौचालय व पेयजल की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।