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बस पास होने पर भी काटे टिकट, छात्राओं ने विरोध किया तो निजी बस संचालकों ने बीच रास्ते में उतारा
बहादुरगढ़. प्राइवेट बस संचालको की शिकायत करने पहुंचे विद्यार्थी।
लोगों ने निजी बस ऑपरेटरों की सीएम को भेजी शिकायत
निजी बस आॅपरेटरों की ओर से सरकारी नियमों की अनदेखी करने व छात्राओं को हो रही है परेशानी को देखते हुए लोगों ने सीएम को ट्विटर पर शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि सरकार की ओर से जिन कैटेगरी में यात्रियों को किराये में रियायत दे रखी है, उन सबकी प्राइवेट ऑपरेटर पूरी तरह अनदेखी कर रहे है। सरकारी आदेशों पर 80 फीसदी से ज्यादा आॅपरेटरों ने अमल ही नहीं किया है। इससे यात्रियों के साथ-साथ रोडवेज यूनियन में भी रोष है। आरटीआई कार्यकर्ता सतपाल हांडा ने उन्होंने निजी बसों में सभी नियम लागू कराने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरकार द्वारा बसों में मुफ्त यात्रा और किराए में रियायत को लेकर कैटेगरी तय की गई है और इसके लिए बाकायदा नियम बनाया गया है। निजी बस आॅपरेटरों की ओर से भी इन नियमों का पालन करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। कई बार छात्रों ने बस स्टैंड अधीक्षक के पास पहुंचकर प्राइवेट बस ऑपरेटरों की शिकायत की है। इस पर रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों में भी गुस्सा है। पिछले महीने एएसपी एवं आरटीए सचिव की ओर से सभी निजी व सहकारी परिवहन समितियों को लिखित में निर्देश जारी किए गए थे कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार परिवहन नीति 2016 के तहत संचालित सभी निजी एवं सहकारी परिवहन समितियों की बसों में दी जाने वाली मुफ्त या रियायती यात्रा की सुविधा पर अमल किया जाए।
रोडवेज कर्मचारी ने
दी शिकायत
डिपो के एसआई रामचंद्र ने पुलिस को बताया कि वह डाबौदा से बहादुरगढ़ की उसी बस में सवार था जिसमें छात्राओं की जबरदस्ती टिकट काटी जा रही थी। छात्राएं बहादुरगढ़ डिपो में पहुंची तो डिपो इंचार्ज के कहने पर वे प्राइवेट बस संचालकों को समझाने गए तो वे झगड़े पर उतारू हो गए। थाने में शिकायत दी ।
जांच की जा रही है
मामले की सूचना मिल गई है। इस मामले में जांच का काम शुरू कर दिया है। ललित कुमार थाना प्रभारी, सिटी थाना, बहादुरगढ़