लकवाग्रस्त महिला आग में जिंदा जली
10 फुट दूरी पर दूसरे कमरे में सो रहे बेटे को पड़ोसियों ने उठाया, जल रहा दरवाजा खोला तो मां जल चुकी थी
भास्कर न्यूज | झज्जर
बताया जाता है की महिला की जान बीड़ी से निकली चिंगारी ने ली है। आग पहले उसके कपड़ों में लगी फिर बेड में। इस आग में महिला कमरे में ही जिंदा जल गई। महिला कुछ बोल भी नहीं पाती थी, लिहाजा पास के कमरे में सो रहे उसके बेटे को मां की इस दर्दनाक मौत का आभास नहीं हुआ। हादसा दिल्ली गेट हनुमान धर्मकांटे के सामने गुलाब सिंह जाखड़ के परिवार का है। उसकी प|ी 47 साल की कृष्णा लंकी बीमारी से पीड़ित थी। वो हमेशा की तरह एक कमरे में बेड पर थी। एक बेटा महेश हरिद्वार गया हुआ था। दूसरा योगेश पास वाले कमरे में सो रहा था। रविवार रात को योगेश ने सोने से पहले मां कृष्णा को संभाला था मां के सो जाने के बाद खुद सोने चला गया। बताते हैं कि कृष्णा की आंख सुबह सबसे पहले खुलती थी। समझा जाता है कि सोमवार सुबह पांच बजे के करीब कृष्णा जब बीड़ी पी रही थी तब पंखा चलने से उसकी चिंगारी उसके कपड़ों में लगी होगी, जो धीरे-धीरे लपटों में बदल गई। लिहाजा कृष्णा के कपड़े, बेड में लगी आग से वो बुरी तरह झुलस गई और तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। कमरे में रखा सामान इस आग में बुरी तरह जला। यहां लकड़ी से बनी अलमारी, कपड़े व दरवाजे तक जल गए। पड़ोसियों ने कृष्णा के मकान से धुंआ देखा तो सो रहे उसके बेटे को उठाया।