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अफसर मीटिंग में आते नहीं, पार्षदों को बिना बताए करते हैं फर्जी सर्वे

3 वर्ष पहले
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19 वार्डों वाली जिला परिषद की बैठक मंगलवार को डीआरडीए हॉल में हुई। यहां मौजूद सभी पार्षदों और पंचायत समिति प्रमुखों को राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017-2018 की विभिन्न मदों में आई करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की जानकारी दी गई। चेयरमैन परमजीत सौलधा ने कहा कि यह राशि सभी वार्डों में बराबर बांटी जाएगी। पार्षदों ने नाराजगी जताई कि राज्य या केंद्र सरकार की जो भी स्कीम गांव में आती है तो उसके बारे में पार्षदों को जानकारी ही नहीं होती। जब अफसर या सर्वे एजेंसी की टीम गांव में आती है तब ही पता चलता है कि उनके वार्डों में कौन सी योजना पर काम होने वाला है या किसके लिए एस्टीमेट बन रहा है।

इस बात को प्रमुख रूप से भाजपा के जिला पार्षद प्रदीप अहलावत ने उठाया और कहा कि योजना चाहे गंदे पानी की निकासी की हो या ड्रेनेज सिस्टम बनाने की। इसका सर्वे करने वाले धरातल की सच्चाई जाने बिना ही योजना को फेल या पास कर देते हैं। इससे ग्रांट का पैसा पानी में चला जाता है और कोई लाभ आम जनता को नहीं मिल पाता। वार्ड पार्षद से यदि ग्राउंड रियलटी पता कर ली जाए तो योजना को सिरे चढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रदीप की इस बात का समर्थन इनेलो के पार्षद उपेंद्र कादियान ने किया। परिषद के कार्यवाहक सीईओ देवराज दांगी ने भी माना कि जनप्रतिनिधियों और विभागीय अफसरों और स्टाफ के बीच तालमेल होना चाहिए।

विभाग के डीजी को पत्र लिखकर अफसरों के मीटिंग में नहीं आने की शिकायत करेंगे

झज्जर. िजला परिषद की बैठक में मौजूद विभिन्न वार्डों के पार्षद।

29 लाख रुपए से हर गांव में बनेंगे बस क्यू शेल्टर

राज्य सरकार ने जिला परिषद को 29 लाख 9 हजार 86 रुपए की स्पेशल ग्रांट बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए जारी की है। परिषद के वाइस चेयरमैन योगेश सिलानी ने कहा कि परिषद के सभी 19 पार्षदों को बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए गांवों के नाम देने को कहा गया है।

1.18 करोड़ लीकर फंड से मिले, भवन ठीक करवाएंगे

जिला परिषद को गांव-गांव में खुले शराब ठेकों से मिले राजस्व के कारण 1 करोड़ 18 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। यह रकम बीते दो सालों के लीकर फंड की है। इस राशि में से अब 14 लाख 45 हजार रुपए का बजट जिला परिषद के कार्यालय के रेनोवेशन के लिए सदन में पास हुआ है।

25 अफसरों को आना था, अधिकतर गायब

जिला परिषद की बैठक में हर बार की तरह विभिन्न विभागों के अफसरों की गैर हाजिरी पर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन समेत पार्षदों ने चिंता जताई। जिला परिषद की बैठक के लिए इस बार भी समय से पहले 6 अप्रैल को पत्र जारी कर दिए गए थे। इनमें जिले के 25 विभागों के प्रमुखों को बुलाया गया था, लेकिन मंगलवार की बैठक में डीडीपीओ से लेकर विभिन्न विभागों के एक्सईएन नदारद रहे। यहां तक कि पंचायत राज विभाग के एक्सईएन भी बैठक में नहीं थे। महज झज्जर व मातनहेल का चार्ज संभाल रहे बीडीपीओ इकबाल राठी ही मौजूद रहे। इसकी शिकायत अब विभाग के डीजी को पत्र लिखकर की जाएगी ताकि भविष्य में अधिकारी मीटिंग को गंभीरता से लें।

इस तरह मिली जिला परिषद को ग्रांट

स्टेट फाइनेंस कमिशन, नॉर्मल प्लान : 3,25,78,038

स्टेट फाइनेंस कमिशन, एससीएसपी : 8,63,839

सरचार्ज व वेट स्कीम, नॉर्मल प्लान : 51,52,866

सरचार्ज व वेट स्कीम, एससीएसपी : 5,85,553

पार्षदों ने यह समस्याएं भी बताईं

प्रदीप अहलावत :
जब से जिला परिषद बनी है, तब से उनके गांव डीघल में गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। बिसहान गांव में पीने के पानी की समस्या है।

उपेंद्र कादियान : माजरा दूबलधन में गंदे पानी की समस्या के लिए कइ बार सर्वे हो चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसे लेकर ग्रामीणाें में रोष बना हुआ है।

माया यादव : मेरे वार्ड के 5 गांवों के स्कूलों में टीचर्स की कमी है। गांव में व्यायामशाला और जिम खुलना चाहिए।

जिला परिषद के लिए जो ग्रांट आई है, वो चेयरमैन की देखरेख में सभी 19 वार्डों में बराबर बांटी जाएगी। बैठक में अधिकांश विभागों के अफसर गैरहाजिर रहते हैं, इस बारे में पहले डीसी को पत्र लिखा गया था। अब विभाग के डीजी को पत्र लिखेंगे। - देवराज दांगी, कार्यवाहक सीईओ, जिला परिषद

दीनदयाल ग्राम विकास योजना

कृषि मंत्री के हलके के

सबसे ज्यादा 10 गांव

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश भर में शुरू की जा रही दीनदयाल ग्राम विकास योजना में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र के गांव शामिल किए गए हैं। इनमें कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के हलके बादली से सबसे ज्यादा 10 गांव हैं। बाकी से 5-5 गांव हैं। इस योजना के तहत 5 हजार तक की आबादी वाले गांव में डेढ़ करोड़ रुपए और 5 से 10 हजार की आबादी वाले गांव में 5 करोड़ की ग्रांट राज्य सरकार नाबार्ड के तहत भिजवाएगी। इस विकास राशि से गांव को मॉडल गांव के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। पार्षदों ने इन गांवों की संख्या बढ़ाने की मांग की है ताकि समान विकास हो सके।

योजना में ये गांव शामिल

बादली : गिजारोड़, कलोई, खुड्डन, कुलाना, सौलधा, सिलानी जालिम, सिलानी केशो, सुबाना, तुंबाहेड़ी।

बहादुरगढ़ : आसौदा सिवान, बामनौली, कानोंदा, कसार, लडरावण, मांडौठी।

बेरी : बहराणा, छारा, दुजाना, खमाण, माजरा दूबलधन।

झज्जर : बहू, बिरोहड़, ग्वालीसन, खानपुर खुर्द, मातनहेल।

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