बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए आईं 140 शिकायतें
पिछले दिनों क्षेत्र में हुई बारिश से गेहूं की फसलों में नुकसान है। इस प्रकार के प्रभावित किसानों की ओर से कृषि विभाग से आर्थिक मदद की गुहार की है। साथ ही फसल बीमा कंपनी से भी भरपाई की मांग की है। पिछले दिनों बेरी व मातनहेल ब्लाॅक में बारिश के कारण गेहूं की फसलें प्रभावित हुई थी। प्रभावित किसानों का कहना है कि फसल पकाई पर थी, लेकिन बारिश के साथ तेज आंधी चलने से ये प्रभावित हो गई। कई स्थानों पर ओले भी गिरे, जिसके कारण तैयार फसलों की बाले टूटकर नीचे गिर गई। वहीं कई जगह फसल गिरने से भी इसकी पैदावार में कमी रही। अब इस प्रकार के डेढ़ सौ किसानों की ओर से कृषि विभाग को शिकायत की गई है। कृषि विभाग के जानकारों का कहना है कि गेहूं की फसल में पहले नुकसान नहीं था। लेकिन बारिश के बाद किसानों की ओर से तेजी से शिकायत मिली है।
बारिश से पहले आई थी किसानों की 48 शिकायतें
कृषि विभाग का कहना है कि बारिश से पहले गेहूं की फसल में पानी भरने से फसल प्रभावित होने की मात्र 48 शिकायतें थी, लेकिन हाल ही में दो बार हुई बूंदाबांदी व बारिश के बाद इनकी संख्या 188 पहुंच गई है। ये शिकायतें हालांकि जलभराव के कारण फसल प्रभावित होने की अधिक है, लेकिन बेरी क्षेत्र में ओलावृष्टि से भी नुकसान की शिकायत शामिल है।
विभागीय जानकारों का कहना है कि क्षेत्र में गेहूं की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन नुकसान अधिक नहीं है। जहां फसलें प्रभावित हुई है। वहां पर 100 फीसदी नुकसान है, इस प्रकार की स्थिति नहीं है। अधिकांश मामलों में नुकसान का फीसदी 10 से 20 फीसदी तक ही है।