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ऊर्जा स्रोतों की जितनी बचत करोगे भविष्य में उतना काम आएगी: संदीप

3 वर्ष पहले
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बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और विकास की होड़ के चलते देश में ऊर्जा की मांग में भारी इजाफा हुआ है। कोयला, पानी समेत ऊर्जा के अधिकतर संसाधन सीमित हैं। हम जितना ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा स्रोतों की बचत करेंगे भविष्य में उतना ही काम आएगी। यह बात ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी के का-ऑर्डिनेटर संदीप पाल ने कही। वे बुधवार को डीएच लारेंस वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो दिवसीय परमाणु ऊर्जा जन जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को परमाणु ऊर्जा से संबंधित जानकारी के लिए पुस्तिका नि:शुल्क प्रदान की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी हिन्दुस्तान के करोड़ों घरों में अंधेरा है। हालांकि देश में बिजली का उत्पादन बढ़ा है। आज भारत के पास अभी तक 2.30 लाख टन यूरेनियम है। हम इसे कैसे इस्तेमाल करें, यह महत्वपूर्ण है। सही से करेंगे तो 500 से 1000 हजार वर्ष तक देश में बिजली की कमी नहीं होगी।

झज्जर. डीएच लारेंस स्कूल के बच्चे परमाणु ऊर्जा के बारे में पोस्टर से जागरूकता का संदेश देते हुए।

31 देश परमाणु ऊर्जा का विकास के लिए कर रहे प्रयोग

स्कूल निदेशक रमेश रोहिला ने कहा कि फ्रांस, रूस, चाइना, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका समेत विश्व के 31 देशों ने परमाणु ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल कर खूब तरक्की की है। ऐसे में हम और हमारा देश पीछे क्यों रहे? हमें भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के बीच भारत जैसे विशाल देश में परमाणु ऊर्जा देश व देशवासियों की प्रगति की रहा आसान करेगा। इसके चलते देश विकसित देशों की श्रेणी में जल्द ही शामिल हो जाएगा। इस मौके पर प्रीति शर्मा, प्रोफेसर अनिल जिंदल, राम मेहल समेत अन्य प्रोफेसर विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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