झज्जर. उत्तराखंड के सीएम ित्रवेंद्र िसंह रावत िसक्स सिग्मा एनजीओ के अस्पताल में आकर जानकारी लेते हुए।
10 बेड के अस्पताल में 25 अप्रैल से दे रहे हैं सेवा, 26 जून तक कैंप चलेगा
भास्कर न्यूज | झज्जर
देशभर में प्राकृतिक आपदा के दौरान हाई एल्टीट्यूट मेडिकल कैंप लगाने वाली झज्जर की एनजीओ ने देश में पहली बार केदारनाथ में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर 10 बेड का फ्री अस्पताल खोला है।
देश के सबसे दुर्गम माने जाने वाले क्षेत्र में पहली बार खुले इस अस्पताल में अब केदारनाथ आने वाले 1200 श्रद्धालु स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे।
केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं काे मुफ्त स्वास्थ्य लाभ दे रहे सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर के 70 वालंटियर, 1856 लोगों का किया चेकअप
देशभर के 100 डॉक्टर व वालंटियर जुड़े
झज्जर की यह एनजीओ देशभर में हाई एल्टीट्यूड मेडिकल कैंप लगाने में अग्रसर है। जहां भी प्राकृतिक आपदा आती है तब देशभर से एनजीओ से जुड़े 100 से ज्यादा वालंटियर सक्रिय होकर घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। एनजीओ की इस मानव सेवा पर केंद्र व राज्य सरकार के अवाॅर्ड दिए जा चुके हैं। अब इसी सेवा का दायरा बढ़ाते हुए एनजीओ से जुड़े लोगों ने सरकार से कोई सहायता लिए बिना केदारनाथ में उस स्थान पर अस्पताल खोल दिया है, जहां कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। पीवीसी बोर्ड के मजबूत बोर्ड से ये अस्पताल बनाया गया है। एनजीओ से जुड़े झज्जर की टीम यहां 25 अप्रैल से अपनी सेवा दे रही हैं। करीब 70 डाॅक्टर व पैरा मेडिकल टीम यहां मौजूद है। खरहर गांव निवासी डाॅ. अनीता भारद्वाज न बताया कि कैंप 26 जून तक चलेगा और अब तक 1856 लोगों को आपातकालीन स्थिति में उत्तराखंड के अस्पतालों में रेफर किया जा चुका है।
उत्तराखंड सरकार कर रही भोजन की व्यवस्था
झज्जर के खरहर गांव के निवासी और एनजीओ सिक्स सिग्मा हेल्थ केयर के डायरेक्टर डाॅ. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि सिक्स सिग्मा एनजीओ की इस सेवा का पता लगते ही उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को अस्पताल परिसर का दौरा कर यहां दी जा रही सेवा की जानकारी लेकर इसे महान कार्य बताया। अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था उत्तराखंड सरकार कर रही है।
वर्ष 2013 से लगा रहे हैं कैंप
इससे पहले एनजीओ से जुड़े वालंटियर केदारनाथ में बाढ़ अाने के बाद वर्ष 2013 से राहत चिकित्सा कैंप लगाते रहे हैं, लेकिन इस बार 12 हजार फुट की ऊंचाई पर एक अस्पताल ही खोल दिया है। यह 10 बेड का अस्पताल पूरी तरह निशुल्क है और लोगों की ऊंचाई के कारण होने वाली शारीरिक परेशानी यहां दूर की जा रही है।